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गणतंत्र दिवस पर कश्मीर घाटी में बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत प्रशासित कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर बंद रहा. लगभग सभी शहरों और क़स्बों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं. बंद का आह्वान घाटी में सक्रिय विभिन्न चरमपंथी गुटों ने किया था. श्रीनगर में गणतंत्र दिवस का आधिकारिक समारोह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया. समारोह के शांतिपूर्वक संपन्न होने की ख़बरें मिली हैं. मुख्य समारोह बख्शी स्टेडियम में आयोजित किया गया. उप मुख्यमंत्री मुज़फ़्फ़र हुसैन बेग़ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस परेड की सलामी ली. लगभग आधा दर्जन स्कूलों के छात्रों ने भी परेड में हिस्सा लिया. हालाँकि समारोह देखने के लिए बहुत कम लोग ही स्टेडियम पहुँचे थे. कड़ी सुरक्षा घाटी में पिछले कुछ दिनों में चरमपंथी हिंसा में कमी आई है. हालाँकि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एस के सिन्हा ने कहा कि सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में अभी स्थिति स्थिर नहीं है. इन हालात में चरमपंथियों के भारतीय सीमा में घुसने की आशंका है, लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था में ढील नहीं दी जा सकती." एसके सिन्हा ने कहा कि घाटी में हर 40 लोगों की सुरक्षा पर एक सैनिक तैनात है और यह पाकिस्तान के वज़ीरिस्तान और तिब्बत से कम है. उन्होंने कहा कि राज्य में जब सीमा पार से घुसपैठ पूरी तरह रुक जाएगा तो सरकार आंतरिक सुरक्षा में लगे सैनिकों को खुशी-खुशी वापस बैरकों में भेज देगी. | इससे जुड़ी ख़बरें कड़ी सुरक्षा के बीच मना गणतंत्र दिवस26 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस धमाकों से पर्यटन का धंधा हुआ मंदा17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस गणतंत्र दिवस पर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम25 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में सेना के विरोध में बंद27 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस भारतीय सैनिकों की अघोषित वापसी22 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस चरमपंथियों से मुठभेड़, सात मारे गए09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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