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गणतंत्र दिवस पर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गणतंत्र दिवस के मद्दे नज़र पूरे देश में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. राजधानी दिल्ली तो सुरक्षा बंदोबस्त के कारण एक तरह से छावनी में तब्दील हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस के पहले से ही सुरक्षा जाँच आदि का काम शुरु कर दिया गया है. इसी के चलते जम्मू कश्मीर और असम में विस्फोटक बरामद किए गए हैं. उधर चरमपंथी संगठन उल्फ़ा ने शुक्रवार को एक बम विस्फोट किया जिसमें पाँच लोग घायल हो गए. परेड की सुरक्षा दिल्ली में शनिवार को सुबह गणतंत्र दिवस की परंपरागत परेड होगी. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल राजपथ पर झंडा फ़हराएँगी और फिर परेड की सलामी लेंगी. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा देश के कई बड़े राजनेता और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख शामिल होंगे.
फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को रात 11 बजे से ही दिल्ली के भीतर वाहनों के प्रवेश को एक तरह से रोक दिया गया है और जिन वाहनों को आने की अनुमति है उनकी व्यापक जाँच की जा रही है. परेड के रास्तों पर मचान-मोर्चा बनाकर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कुल 20 हज़ार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजेन्द्र भगत के मुताबिक़ राजधानी की सभी ऊँची इमारतों पर भी निगरानी के लिए जवानों को तैनात किया गया है. उन्होंने बीबीसी को बताया कि तीन हेलिकॉप्टर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र बनाए रखेंगे. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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