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59 विद्रोहियों को मारने का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सैन्य सूत्रों का कहना है कि ताज़ा लड़ाई में 59 तमिल विद्रोही मारे गए हैं और इस लड़ाई में एक सैनिक की भी मौत हुई है. हालाँकि तमिलों विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई ने श्रीलंका की सेना के इस दावे को ख़ारिज कर दिया है. ग़ौरतलब है कि तमिल विद्रोही एक स्वतंत्र देश की माँग के लिए लड़ाई कर रहे हैं. तमिल विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सरकार देश के दक्षिणी हिस्से में सिंहला समुदाय का समर्थन बनाए रखने की कोशिशों के तहत तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अपनी जीत के दावे बढ़ाचढ़ाकर पेश करती है. ग़ौरतलब है कि श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों के साथ 2002 में हुए संघर्षविराम समझौते को 16 जनवरी को औपचारिक रूप से ख़त्म करने की घोषणा कर दी है हालाँकि दोनों पक्षों के बीच पिछले काफ़ी समय से लड़ाई चल रही थी और उन हालात में उस संघर्षविराम समझौते का कोई महत्व नहीं रह गया था. जब से श्रीलंका सरकार ने यह नोटिस दिया है कि वह संघर्षविराम समझौते को अब औपचारिक रूप से ख़त्म करने जा रही है, तब से सरकारी सैनिकों और तमिल विद्रोहियों के बीच लड़ाई में तेज़ी आ गई है. 16 जनवरी को जब संघर्षविराम समझौता औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा तो हिंसा में और तेज़ी आने की आशंका है. भारी क़ीमत अन्य दिनों की ही तरह श्रीलंका के उत्तरी इलाक़ों में शुक्रवार को भी लड़ाई हुई. यह लड़ाई उन इलाक़ों में हुई जहाँ से विद्रोहियों के नियंत्रण वाला क्षेत्र शुरू होता है. श्रीलंका की सेना के प्रवक्ता का कहना है कि इस लड़ाई में 59 तमिल विद्रोही मारे गए हैं और लड़ाई में एक सैनिक भी मारा गया है. लेकिन तमिल विद्रोहियों के शांति सचिवालय के मुखिया एस पुलीदीवन ने आरोप लगाया है कि श्रीलंका सरकार का रक्षा मत्रालय दु्ष्प्रचार में लगा हुआ है. पुलीदीवन का कहना था, "अगर श्रीलंका सरकार के आँकड़ों पर विश्वास किया जाए तो इस समय तक श्रीलंका में एक भी तमिल नहीं बचा होता." उन्होंने कहा कि श्रीलंका के सैनिकों ने तमिल विद्रोहियों को लड़ाई के ज़रिए खदेड़ने की कोशिश की लेकिन उन्हें 'क़रारा जवाब' दिया गया जिसमें अनेक सैनिक हताहत हुए हैं. श्रीलंका के सेना कमांडर लैफ़्टिनेंट जनरल सारथ फ़ोन्सेका का कहना है कि उनका लक्ष्य साल 2008 के अंत में इस पद से हटने से पहले तमाम तमिल विद्रोहियों का सफ़ाया करना है. लेकिन तमिल विद्रोहियों का कहना है कि वे खुले युद्ध के लिए भी तैयार हैं. पुलीदीवन ने चेतावनी के अंदाज़ में कहा कि अगर सैनिक तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े में एक क़दम आगे बढ़ेंगे तो उन्हें भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें '...तो भारत को सौंप देंगे प्रभाकरण'12 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई के ख़ुफ़िया प्रमुख की मौत'06 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार ने युद्घविराम ख़त्म किया02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस एलटीटीई और सेना के बीच भीषण संघर्ष03 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण लड़ाई, अनेक मारे गए08 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'विद्रोहियों ने आठ जहाज़ तबाह किए थे'24 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस हवाई हमले में एलटीटीई नेता की मौत02 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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