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नस्लवाद के ख़िलाफ़ गांधी सर्वश्रेष्ठ 'अंपायर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्रिकेट में नस्लवाद को लेकर उठे तूफ़ान के बीच बालू पर चित्र उकेरने में मशहूर सुदर्शन पटनायक ने अपनी कृति में महात्मा गांधी को नस्लवाद के खिलाफ़ सर्वश्रेष्ठ 'अंपायर' के रूप में दर्शाया है. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में नस्लवाद को लेकर लगे आरोप-प्रत्यारोपों से एक बार फिर ये मुद्दा चर्चा में है और इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दो फाड़ भी नज़र आ रहा है. उड़ीसा राज्य में रहने वाले सुदर्शन सभी समकालीन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया और विचार बालू पर आकृति उकेर कर, उसे लोगों तक पहुँचाते हैं. और इस बार भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के जाने माने कलाकार सुदर्शन ने बालू पर नस्लवाद के विरोध को उकेरा है. नस्लवाद बनाम गाँधी राजधानी भुवनेश्वर से 60 किलोमीटर दूर धार्मिक शहर पुरी के समुद्री तट पर सुदर्शन ने बालू निर्मित 25 फीट लंबे क्रिकेट बैट की पृष्ठभूमि में और तीन स्टंप उकेरे हैं और क्रिकेट पिच में गांधी जी के चेहरे को प्रमुखता से उकेरा गया है. सुदर्शन का कहना है, "ये कलाकृति दुनिया को याद दिलाती है कि कैसे गाँधी जी ने 20वीं सदी में दक्षिण अफ़्रीका में नस्लवाद और भेदभाव के ख़िलाफ़ संघर्ष चलाया था." पुरी समुद्र तट पर बालू कलाकृति सिखाने का स्कूल चलाने वाले सुदर्शन को क्रिकेट में भी गहरी रूचि है. उन्हें उम्मीद है कि अब भारत और ऑस्ट्रेलियाई टीमें आपसी विवाद भुलाकर इस बात का संकल्प लेंगीं कि क्रिकेट में नस्लवाद की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. पुरी आने वाले पर्यटक सुदर्शन की इस आकर्षक बालू कलाकृति को निहार रहे हैं. सुदर्शन ने इसे अपने स्कूल के छात्रों की मदद से लगभग पाँच घंटे में 15 टन बालू से उकेरा है. इससे पहले सुदर्शन इंग्लैंड में 1999 के क्रिकेट विश्व कप और जर्मनी में 2006 में आयोजित फुटबाल विश्व कप समेत कई अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं को भी बालू पर उकेर चुके हैं. उन्होंने लगभग 34 अंतरराष्ट्रीय बालू कलाकृति प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और कई पुरस्कार जीते. 2005 में जर्मनी में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में उन्हें सर्वश्रेष्ठ कलाकार का पुरस्कार मिला था. | इससे जुड़ी ख़बरें बहुत छोटा स्टेशन है ये21 फ़रवरी, 2003 | खेल की दुनिया गांधी और शास्त्री के मूल्य: कितने प्रासंगिक? 02 अक्तूबर, 2005 | आपकी राय गांधी के बिना भी होते रहे हैं सत्याग्रह24 जनवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी'12 अक्तूबर, 2007 | खेल की दुनिया गिब्स पर दो मैचों के लिए प्रतिबंध15 जनवरी, 2007 | खेल की दुनिया भज्जी पर नस्लवादी टिप्पणी का आरोप04 जनवरी, 2008 | खेल की दुनिया 'लता नहीं सुब्बालक्ष्मी महानतम गायिका' 28 अक्तूबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस जागरुकता....रेत के मुर्गे से22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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