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'पहचान पत्र अनिवार्य करना अच्छा क़दम' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली के सभी नागरिकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य करने का फ़ैसला अच्छा क़दम है, बशर्ते इसे अच्छी नीयत और पारदर्शिता से लागू किया जाए. इससे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. मेरा मानना है कि इस क़दम के ज़रिए पहली बार आम लोगों को सुरक्षा व्यवस्था की मुहिम से जोड़ा गया है. यह सही है कि इससे लोगों को कुछ मुश्किल होंगी, लेकिन सुरक्षा में आम लोगों की भागीदारी से लाभ ज़रूर होगा. इस निर्णय का सबसे बड़ा असर यह पड़ेगा कि जनता सुरक्षा को लेकर सतर्क और जागरूक होगी. अब सवाल ये है कि पुलिस इस निर्णय को कितनी ईमानदारी से लागू करती है. दिल्ली पुलिस और नागरिक प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसमें पारदर्शिता लाने की होगी. मुझे लगता है कि कुल मिलाकर यह क़दम सुरक्षा व्यवस्था में आम लोगों की सक्रिय भागीदारी के लिए उठाया गया है. तक़लीफ़ होगी, पर... यह सही है कि कई बार इस तरह की कोशिशें कुछ तकलीफ़ देती हैं, लेकिन ये सही है कि ये तकलीफ़ हिंसक घटनाओं को टाल सकती हैं और लोगों को मौत के मुंह से बचा सकती हैं. जहाँ तक महिलाओं, वृद्धों, मज़दूर तबकों- जिनके पास आमतौर पर पहचान पत्र नहीं होता, उनका सवाल है कि तो योजना लागू करते समय इनके बारे में ज़रूर सोचा जाना चाहिए. वैसे भी मेरा मानना है कि आतंकवाद या दूसरी आपराधिक घटनाओं को सामान्य तौर पर युवा लोग ही अंजाम देते हैं और वृद्धों और महिलाओं की भूमिका इनमें लगभग नगण्य होती है. ऐसे में इस पहलू पर ग़ौर किया जाना चाहिए. दिल्ली के उपराज्यपाल की इस पहल से हमारी व्यवस्था की यह कमी उजागर हो गई है कि हम अभी तक नागरिकों को राष्ट्रीय पहचान पत्र देने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सके हैं. इस तरह की राष्ट्रीय व्यवस्था बहुत ज़रूरी है. मसलन, दिल्ली में किसी चालक का लाइसेंस जब्त हो जाता है तो वह दूसरे किसी राज्य से नया लाइसेंस बनवा लेता है. मेरा मानना है कि राजनीतिक दलों को इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए, बल्कि लोगों को यह समझाना चाहिए कि यह क़दम उनकी सुरक्षा के लिए है. मीडिया को भी इस अभियान में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए. (बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद से बातचीत पर आधारित) | इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली में पहचान-पत्र रखना ज़रूरी05 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'अपहरण की धमकी' के बाद विमान उतारा04 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गायों के लिए भी पहचानपत्र..31 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस सुरक्षाकर्मियों के पदक राष्ट्रपति को लौटाए13 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस संसद पर हमले में मौत की सज़ा बरक़रार04 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस संसद पर हमले के छह साल हुए13 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस दिल्ली में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध?27 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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