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दिल्ली में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास में गुरुवार रात एक कार दाख़िल हुई जिसमें दो युवतियाँ और एक युवक सवार थे. इनके पास वहाँ दाख़िल होने का कोई वाजिब कारण नहीं था और उनका कहना था कि उनके दिमाग में आया कि क्यों न भारत के प्रधानमंत्री से मिलने के लिए 'एपोंटमेंट' लिया जाए. काली सोनाटा कार में सवार दो युवतियाँ और एक युवक जब प्रधानमंत्री निवास के बाहरी गेट पर पहुँचे, तो कोई जायज़ दस्तावेज़ या पहचान पत्र न होने के बावजूद उन्हें अंदर जाने दिया गया. इस गेट पर दस्तावाज़ों और कारों की जाँच होती है और जब सुरक्षीकर्मी संतुष्ट होते हैं तभी किसी को आगे जाने दिया जाता है. जब वे दूसरे सुरक्षा द्वार पर पहुँचे तो उनसे एसपीजी के सुरक्षाकर्मियों ने वहाँ आने का मकसद पूछा और उन्हें वहाँ से हट जाने के लिए कहा. ग़ौरतलब है कि दूसरे सुरक्षा द्वार पर सभी वीआईपी गाड़ियों से उतर जाते हैं क्योंकि उस जगह से आगे बाहर से लाए गए वाहन नहीं ले जाए जा सकते. महत्वपूर्ण ये है कि इसके बाद भी इन लोगों को कार लेकर प्रधानमंत्री निवास से बाहर चले जाने दिया गया. जब ये घटना घटी तब प्रधानमंत्री निवास में मंत्रिमंडल की एक समिति की बैठक चल रही थी. जब वहाँ मौजूद मीडिया ने पूरे मामले की पूछताछ करनी शुरु की तब ही दिल्ली पुलिस को सतर्क किया गया और प्रधानमंत्री निवास से दूर एक बाज़ार इन लोगों की कार रोकी गई और उनसे पूछताछ की गई. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया और शुक्रवार को उन्हें ज़मानत पर छोड़ दिया गया. सुरक्षा में सेंध? हालांकि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच पड़ताल आगे जारी रहेगी लेकिन ग़ौरतलब है कि इन तीनों के ख़िलाफ़ सुरक्षा भेदने का मामला दर्ज नहीं किया है. इस घटना के बाद जहाँ मीडिया और कई राजनीतिक नेता इसे प्रधानमंत्री निवास की सुरक्षा में सेंध का मामला बता रहे हैं वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया से कहा कि ये सुरक्षा में सेंध लगने का मामला नहीं है. ग़ौरतलब है कि ये लोग बिना किसी दस्तावेज़ या जायज़ कारण के प्रधानमंत्री निवास के बाहरी सुरक्षा घेरे को पार कर परिसर के अंदर घुसने में कामयाब हुए थे. प्रधानमंत्री कार्यालय की दलील है कि यह सुरक्षा भेदने का मामला इसलिए नहीं है क्योंकि जिस जगह तक यह तीन लोग पहुँचे, वहाँ स्वागतकक्ष तक प्रधानमंत्री को मिलने के इच्छुक लोग आ सकते हैं. मगर विपक्षी दल भाजपा के नेता विजय कुमार मलहोत्रा का कहना है कि अगर सुरक्षा नही भेदी गई तो इन तीन लोगों को गिरफ़्तार क्यों किया गया. कार चला रही युवती ने ख़ुद को और गाड़ी में सवार उसकी मित्र को एक भारतीय विमान सेवा की एयर हॉस्टेस बताया था. उन्होंने ये भी कहा था कि वह दिल्ली की नहीं जयपुर की रहनेवाली हैं. युवक की पहचान दिल्ली निवासी के रूप में की गई जो कोई आम कारोबार करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें आरक्षण का मुद्दा ख़त्म- मनमोहन25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस मेडिकल छात्रों से मिले प्रधानमंत्री26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'बदहाल किसानों को पैकेज मिलेगा’30 जून, 2006 | भारत और पड़ोस मनमोहन ने विनिवेश की प्रक्रिया रोकी06 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कमज़ोर हो रही है प्रधानमंत्री की छवि 07 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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