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भाजपा की जीत पर तीखी प्रतिक्रियाएँ भी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत से तिलमिलाई काँग्रेस ने इस जीत का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है. इसके साथ ही काँग्रेस ने मोदी पर चुनाव को ‘सांप्रदायिक रंग में रंगने’ का आरोप लगाते हुए कहा है कि हार के बावजूद पार्टी सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ अपने पक्ष से नहीं हटेगी. काँग्रेस ने मोदी को जहाँ जीत पर बधाई दी वहीं वाम दलों ने इस पर चिंता जताते हुए इसे गुजरात में ‘सांप्रदायिक राजनीति’ की सफलता करार दिया है. भाजपा के नेता एल के आडवाणी ने गुजरात चुनाव के नतीजों को राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक ‘बड़ा मोड़’ बताया. इसके अलावा पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर मोदी के लिए एक बड़ी भूमिका की भी बात की. दक्षिण से बधाई मोदी की जीत स्पष्ट होते ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी उन्हें टेलीफ़ोन पर बधाई दी. काँग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि ये मोदी के लिए एक महान और अपूर्व जीत है. मोदी को बधाई देने वालों में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम की प्रमुख जयललिता भी शामिल थीं. जयललिता ने अपने संदेश में कहा, "आपकी ज़ोरदार जीत से इस देश की जनता में उम्मीद जगी है और वो अब मानने लगी है कि भारत को अभी भी सत्ता के सौदागरों के पंजों से बचाया जा सकता है." वामदलों की चिंता दूसरी ओर वामदलों ने इस जीत पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे 'सांप्रदायिक राजनीति' की सफलता करार दिया है. मार्क्सवादी कम्यूनिट पार्टी ने एक बयान में कहा, "नतीजे बताते हैं कि जहाँ सांप्रदायिक राजनीति का प्रभाव गहरा होता है वहाँ केवल चुनावी प्रयास साम्प्रदायिक ताकतों को हराने के लिए पर्याप्त नहीं होते." भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा ने कहा, "गुजरात चुनाव के परिणाम से यह पता चलता है कि धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक साथ मिलकर सांप्रदायिक फ़ासीवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष तेज़ करना होगा." काँग्रेस पर हमला करते हुए राजा ने कहा, "काँग्रेस को यह समझना होगा कि केवल धर्मनिरपेक्षता ही पर्याप्त नहीं है और उसे अपनी नीतियों का गंभीर अंतरावलोकन करना होगा." राजा ने कहा कि काँग्रेस को भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर भी दोबारा विचार करना चाहिए. शिरोमणी अकाली दल (एसएडी) ने अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा को गुजरात में जीत पर बधाई दी. पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा ये राजनीति का साम्प्रदायीकरण करने के काँगेस के प्रयासों को जनता का करारा जवाब है. भाजपा के विद्रोही नेता और मोदी के चिर प्रतिद्वंद्वी केशूभाई पटेल ने भी उन्हें बधाई दी. पटेल ने कहा, "मैं भाजपा की जीत के लिए नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं. जनता के हितों के लिए सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनो दलों को मिलकर काम करते हुए गुजरात को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना चाहिए." | इससे जुड़ी ख़बरें 'भाजपा ने फूहड़पन की हदें पार की'20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस चेन्नई में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ 23 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गुजरात की 'गद्दी' पर भाजपा का क़ब्ज़ा23 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गुजरात में भाजपा को पूर्ण बहुमत22 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'भाजपा को बिना शर्त समर्थन देंगे'04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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