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चेन्नई में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु में राम और रामसेतु को लेकर भाजपा और डीएमके के बीच विवाद गहराता जा रहा है. रविवार को डीएमके समर्थकों ने चेन्नई स्थित भाजपा मुख्यालय पर हमला किया और जमकर तोड़फोड़ की. सैकड़ों डीएमके कार्यकर्ता रविवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पहुँचे और उन्होंने परिसर के अंदर खड़े वाहनों पर पथराव करके उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस पथराव में पार्टी के राज्य महासचिव टी सुंदरराजन और कई अन्य पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए. भोपाल में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इस हमले की निंदा की और उन्होंने राज्य सरकार से हमला करनेवालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की. राजनाथ सिंह का कहना था कि लालकृष्ण आडवाणी ने इस संबंध में गृह मंत्री शिवराज पाटिल से भी बात की है. विवाद पिछले कुछ दिनों से राम और रामसेतु को लेकर डीएमके नेता करुणानिधि और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी चल रही है. कुछ दिनों पहले कथित भाजपा समर्थकों ने करुणानिधि की बेटी के घर पर तोड़फोड़ की थी. इसके पहले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कुरुणानिधि से राम और रामसेतु को लेकर अपना बयान वापस लेने की माँग की थी जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था. उल्टे उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी को चुनौती दी थी कि वे चाहें तो किसी भी मंच पर उनके साथ बैठकर रामायण पर चर्चा कर लें. उल्लेखनीय है कि करुणानिधि ने राम को मिथक करार दिया था और कहा था कि इतिहास में राम का कोई अस्तित्व नहीं है. एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, "क्या राम इंजीनियर थे जो उन्होंने पुल बनाया था. राम नाम के किसी व्यक्ति का अस्तित्व नहीं है" इसके बाद तमिलनाडु में हिंसा की कुछ घटनाएँ हुई थीं जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा करुणानिधि की बेटी के घर पर भी तोड़फोड़ की गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'रामसेतु' का हलफ़नामा वापस14 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सेतु होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं'12 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस उमा भारती के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज08 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु मुद्दे पर माकपा नरम हुई25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में हमले में तीन की मौत09 मई, 2007 | भारत और पड़ोस मुसलमानों और ईसाइयों के लिए आरक्षण05 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'आरक्षण पर संसद सत्र बुलाया जाए'30 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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