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शनिवार, 08 दिसंबर, 2007 को 13:01 GMT तक के समाचार
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ग़लत ढंग से पेश किया बयानः नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चुनाव आयोग को दिए गए जवाब में कहा है कि उन्होंने सोहराबुद्दीन मामले में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं कहा है और मीडिया ने उनके बयान को ग़लत ढंग से पेश किया है.

उनकी ओर से अहमदाबाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा कि जिन वाक्यों को आधार बनाकर चुनाव आयोग से मोदी के भाषण की शिकायत की गई, वे वाक्य उस सीडी में हैं ही नहीं जो चुनाव आयोग की ओर से भाजपा को मिली है.

मोदी की सफाई के साथ ही अरुण जेटली ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि आयोग सभी दलों और राजनेताओं की ओर से हो रही टिप्पणियों पर बराबर से ध्यान दे और सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करें.

हालांकि मोदी को यह जवाब शनिवार दिन तक ही चुनाव आयोग को सौंप देना था पर अपनी व्यस्तता के लिए उन्होंने कुछ घंटों का अतिरिक्त समय आयोग से मांगा था और शनिवार की शाम यह जवाब चुनाव आयोग को सौंप दिया गया.

ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित रूप से एक जनसभा में कहा था कि सोहराबुद्दीन जैसे आतंकवादी के साथ वैसा ही सुलूक होना चाहिए जैसा कि पुलिस ने किया था.

मोदी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में उनके ख़िलाफ़ शिकायत भी दर्ज करवाई गई थी. चुनाव आयोग ने मोदी को शनिवार तक जवाब देने का नोटिस दिया था जबकि सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को इन याचिकाओं पर विचार किया जाना है.

फ़र्जी मुठभेड़ मामला

राज्य में वर्ष 2005 में शेख सोहराबुद्दीन नाम के एक व्यक्ति को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था. इस व्यक्ति को चरमपंथी करार दिया गया था.

सोहराबुद्दीन और क़ौसर बी (फ़ाइल फ़ोटो)
भाजपा का कहना है कि जिन वाक्यों पर शिकायत दर्ज की गई है वो तो चुनाव आयोग से मिली सीडी में हैं ही नहीं

रिपोर्टों के अनुसार 26 नवंबर 2005 को गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) और राजस्थान पुलिस की एक मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन शेख़ मारे गए थे.

बाद में इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाकर सोहराबुद्दीन के परिजनों ने इस मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बताया था और न्याय की गुहार लगाई थी.

इसके बाद इस मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों- डीजी वंज़ारा, राजकुमार पांडियन और दिनेश कुमार एमएन को गिरफ़्तार किया गया था जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं.

साथ ही गुजरात पुलिस ने अदालत में स्वीकार किया था कि कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए सोहराबुद्दीन शेख़ की पत्नी क़ौसर बी की हत्या हो चुकी है और उसके शव को जला दिया गया था.

मामले की जाँच फिलहाल गुजरात की अपराध जाँच शाखा यानी सीआईडी कर रही है.

जवाब

पार्टी की ओर से चुनाव आयोग से कहा गया है कि वो इस जवाब के बाद नोटिस वापस लें और सोनिया गांधी की नरेंद्र मोदी के बारे में ताज़ा टिप्पणी के बाद उनके ख़िलाफ़ भी नोटिस जारी करें.

हालांकि भाजपा नेता सीधे तौर पर चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाने से बचते रहे पर वो यह कहने से नहीं चूके कि उनकी भी शिकायतें हैं और उनपर भी चुनाव आयोग विचार करे.

अरुण जेटली ने पत्रकारों को बताया कि शिकायतकर्ता ने एक समाचारपत्र में मोदी के बयान के बाबत छपी ख़बर को अपनी शिकायत का आधार बनाया है.

चुनाव आयोग ने इस शिकायत पर नरेंद्र मोदी को एक नोटिस जारी किया था और इसके साथ एक सीडी भी दिया था जिसमें विवादित भाषण की रिकॉर्डिंग थी.

पर चुनाव आयोग को सौंपे गए जवाब के अनुसार असल में मोदी ने अपने भाषण में उन वाक्यों का प्रयोग ही नहीं किया है और वो ख़बर लिखनेवाले की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी ने अपने भाषण में साढ़े तीन-चार मिनट के लिए आतंकवाद के मुद्दे की चर्चा ज़रूर की थी पर इसे समस्या को नकारा भी नहीं जा सकता है.

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