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चीन की खदान में धमाका, 105 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के उत्तरी प्रांत शांक्सी में एक कोयला खदान में हुए धमाके में 105 खनिक मारे गए हैं. दुर्घटना में 15 लोगों को बचा लिया गया है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार ये विस्फोट बुधवार की रात को हुआ. चीन के सरकारी टीवी के अनुसार खदान के अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है क्योंकि वे खदान के ऐसे भाग में खुदाई करवा रहे थे जो कोयला उत्पादन के लिए अधिकृत नहीं थी. इसी वजह से यह दुर्घटना हुई. अधिकारियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने दुर्घटना की ख़बर छह घंटे देर से दी और अपने स्तर पर बचाव कार्य करते रहे. बताया जाता है कि चीन दुनिया में सबसे ख़तरनाक मानी जाने वाली अपनी कोयला खदानों में सुरक्षा उपाय काफ़ी कड़े करना चाहता है. बचाव मिशन सरकारी विभाग की एक प्रवक्ता एन युंजी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि जब यह दुर्घटना हुई, तो 32 लोगों के बचाव दल को वहां भेजा गया लेकिन जल्दी ही वे भी वहां फंस गए. चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार बचाव कार्यकर्ता खदान के अधिकारियों की बात मानते रहे जो ख़ुद ही बचाव कार्य को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे.
इससे मरने वाले लोगों की संख्या और बढ़ गई. सुरक्षा की ज़िम्मेदारी बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन समरविल का कहना है कि इस खदान के इस ख़तरे के बारे में सभी जानते थे और इसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी इसकी मालिक यानि सरकार की थी. चीन में कोयला खदानो की सुरक्षा पर पहले भी प्रश्नचिन्ह लगता रहा है और हर साल वहाँ दुर्घटनाओं में पाँच हज़ार मौतें होती है. लेकिन स्वतंत्र पर्यवेक्षकों के अनुसार यह आँकड़ा इससे कहीं ज़्यादा हो सकता है. सरकार ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि सर्दियों में कोयले की माँग बढ़ने की वजह से बढ़ाए जाने वाले उत्पादन के कारण और दुर्घटनाएं हो सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन की एक खदान में धमाका, 33 मरे10 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना झरिया खदान में सभी मज़दूरों की मौत08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस चीन की दो खदानों में विस्फोट26 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना खदान धमाके में लापता मज़दूरों की मौत01 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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