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खदान धमाके में लापता मज़दूरों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन में अधिकारियों का कहना है कि रविवार को एक कोयला खदान में हुए धमाके के बाद लापता सभी 103 खनिक मारे गए हैं. इस तरह इस धमाके में मरने वाले खनिकों की संख्या बढ़कर 166 हो गई है. इसे पिछले एक दशक के दौरान चीन के कोयला खदानों में हुई सबसे बड़ी दुर्घटना माना जा रहा है. रविवार को केंद्रीय चीन के शान्शी प्रांत में हुए धमाके में पहले 63 लोगों के मारे जाने की ही पुष्टि हो पाई थी और 103 लोग लापता बताए जा रहे थे. ज़हरीले धुएँ और आग के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा आई और लापता खनिकों को बचाया नहीं जा सका. चीन की सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. लेकिन प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि मारे गए सभी लोगों के शव बरामद हो पाए हैं या नहीं. पहले रिपोर्टों में बताया गया था कि सुरक्षा ख़तरे के बावजूद इस खदान को खुला रखा गया. एक सप्ताह पहले इस खदान में आग लगने की घटना हुई थी. चीन के एक अख़बार चाइना यूथ डेली ने बताया है कि इस घटना के बाद कुछ खनिकों ने काम पर आने से इनकार कर दिया था. लेकिन इस खदान के अधिकारियों ने उन्हें सज़ा देने की धमकी दी. रविवार को जब इस खदान में विस्फोट हुआ उस समय वहाँ क़रीब 300 खनिक काम कर रहे थे. तीन साल पहले इसी खदान में एक धमाका हुआ था जिसमें 38 लोग मारे गए थे. |
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