|
एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एम्स में संस्थान के निदेशक की सेवानिवृत्ति आयु तय करने वाले विधेयक के विरोध में गुरूवार को हड़ताल पर गए डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल ख़त्म कर दी है. ये हड़ताल बुधवार को संसद से पारित हुए एम्स विधेयक के तहत निदेशक की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष तय कर दिए जाने के विरोध में की गई थी. एम्स निदेशक पी वेणुगोपाल इस वर्ष शुरू में ही 65 वर्ष की आयुसीमा को पार चुके हैं, इसलिए विधेयक के क़ानूनी शक्ल लेते ही वो इस पद पर नहीं रह पाएँगे. इसी बात को लेकर वेणुगोपाल समर्थक रेज़ीडेंट वेलफ़ेयर एसोसिएशन के डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फ़ैसला किया था. इस बीच वेणुगोपाल ने इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है. एम्स रेज़ीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के महासचिव अनिल शर्मा ने दोपहर में हुई एक बैठक के बाद हड़ताल ख़त्म करने की घोषणा की. माना जा रहा है कि ये हड़ताल दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व के एक आदेश और उसके कड़े रूख को देखते हुए वापस ली गई है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमके शर्मा और संजीव खन्ना की बेंच ने सरकार और एम्स के अधिकारियों से हड़ताली डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने और काम पर वापस न आने की सूरत में उनकी तनख्वाह काट लेने का आदेश दिया था. जब कि इससे पहले के आदेश में हाईकोर्ट ने हड़ताल पर जाने को अवैध करार दिया था. वास्तव में इसी कारण डॉक्टरों ने हड़ताल के बजाए बहिष्कार शब्द का इस्तेमाल किया था. वेणुगोपाल सुप्रीमकोर्ट पहुंचे इसके अलावा वेणुगोपाल ने संसद द्वारा पारित विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है. इसे भी हड़ताल वापसी की प्रमुख वजह माना जा रहा है. और अब निगाहें अदालत की ओर होंगी. ग़ौरतलब है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के मुद्दे पर हुए आंदोलन के समय से ही स्वास्थ्य मंत्री अम्बुमणि रामदॉस और एम्स निदेशक के बीच खींचतान जारी है. जूनियर डॉक्टरों के एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार हर्ष ने आरोप लगाया है कि एम्स के निदेशक पी वेणुगोपाल के साथ निजी मदभेद के कारण इस तरह का विधेयक पारित कराना ग़लत संदेश देता है. इस सब घटनाक्रम से नाराज़ जूनियर डॉक्टरों ने कहा था कि वो भविष्य में नेताओं का इलाज़ नहीं करेंगे. हड़ताली डॉक्टरों ने बाह्य चिकित्सा कक्ष (ओपीडी) को बंद रखा था हालांकि एम्स प्रशासन का कहना था कि ओपीडी सेवाएँ सामान्यतौर पर काम कर रही थीं. हालाँकि इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल के दायरे से बाहर रखा गया था. अनिल शर्मा ने हड़ताल खत्म करने के साथ कहा कि उनका मौन विरोध जारी रहेगा और वो ओवरटाइम करके अपना विरोध दर्ज़ कराएँगें. | इससे जुड़ी ख़बरें एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म29 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस एम्स के डॉक्टर भूख हड़ताल पर15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'रामदॉस डिग्रियों पर हस्ताक्षर करें'03 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस एम्स के डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म30 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बहुत ही अपमानजनक अनुभव था...'26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस हड़ताल से बुरी तरह प्रभावित एम्स07 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस एम्स के निदेशक बर्ख़ास्त, हड़ताल घोषित05 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'कब मिलेंगे एम्स जैसे अस्पताल?'21 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||