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शनिवार, 17 नवंबर, 2007 को 13:00 GMT तक के समाचार
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'गठबंधन का मतलब ये नहीं कि...'
सोनिया गांधी (फ़ाइल फोटो)
पार्टी को पहली की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में पहुँचाना होगा: सोनिया
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि गठबंधन में काम करने का ये मतलब नहीं कि पार्टी अपनी राजनीतिक जगह खो दे.

उन्होंने ये भी कहा है कि कांग्रेस को अपनी पहले जैसी महत्वपूर्ण स्थिति तक पहुँचना होगा.

शनिवार को दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहाँ उन्होंने सत्ताधारी कांग्रेस के सहयोगी दलों को चेतावनी दे डाली वहीं उन्होंने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को भी आड़े हाथों लिया.

उन्होंने परमाणु समझौते पर मनमोहन सिंह सरकार और प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि भारत-अमरीका परमाणु सहमति भारत के हित में है.

'सरकार विरोधी लहर से बच सकते हैं'

कांग्रेस के सहयोगी दलों की ओर इशारा करते हुए उनका कहना था, "किसी गंठबंधन में काम करने का मतलब नहीं कि हम अपनी राजनीतिक जगह खो दें. मैं आपके सामने साधे स्वीकार करती हूँ कि यह एक संतुलन है - राजनीतिक चुनौती है. कांग्रेस को पहले की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में पहुँचना है."

 किसी गंठबंधन में काम करने का मतलब नहीं कि हम अपनी राजनीतिक जगह खो दें. मैं आपके सामने साधे स्वीकार करती हूँ कि यह एक संतुलन है - राजनीतिक चुनौती है. कांग्रेस को पहले की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में पहुँचना है
सोनिया गांधी

चुनावों के संदर्भ में सोनिया ने कहा, "जिस सरकार विरोधी लहर की चर्चा होती रहती है, ऐसा नहीं है कि उससे बचा नहीं जा सकता. यदि हम जनता से जुड़ते हैं तो कोई शक़ नहीं है कि जनता का विश्वास प्राप्त होगा और हमें बेहतर जनसमर्थन मिलेगा."

सोनिया ने कहा, "पार्टी सबसे ऊपर है और इससे ऊपर कोई नेता या गुट नहीं है. एक लोकतांत्रिक संगठन वाली पार्टी में बहस की आज़ादी होती है लेकिन जब तक पार्टी किसी मुद्दे पर अपनी राय ज़ाहिर नहीं करती तब तक किसी को भी सार्वजनिक तौर पर राय नहीं देनी चाहिए. जब पार्टी की राय तय हो जाए तो किसी को उससे अलग राय सार्वजनिक तौर पर नहीं रखनी चाहिए."

'धर्मनिरपेक्षता ख़तरे में'

विपक्षी दल भाजपा पर तीख़े प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर वह यूपीए सरकार का उस तरह समर्थन नहीं कर रही जैसा कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए किया था.

 जिस सरकार विरोधी लहर की चर्चा होती रहती है, ऐसा नहीं हो कि उससे बचा नहीं जा सकता. यदि हम जनता से जुड़ते हैं तो कोई शक़ नहीं है कि जनता का विश्वास प्राप्त होगा और हमें बेहतर जनसमर्थन मिलेगा
सोनिया गांधी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर विपक्ष के हमलों का ज़िक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ऐसी कार्रवाई की निंदा करने के लिए कोई शब्द काफ़ी नहीं हैं.

अधिवेशन में अपने उदघाटन भाषण में सोनिया ने दो अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित करने के संयुक्त राष्ट्र के निर्णय का स्वागत किया लेकिन साथ ही कहा कि महात्मा गांधी के सिद्घांत उनके अपने ही देश में खतरे में हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में धर्मनिरपेक्षता और महात्मा गांधी के सिद्घांत ख़तरे में हैं.

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की उपलब्धियों की विस्तृत चर्चा करते हुए सोनिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अधिकतर वादों को पूरा किया है.

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