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'गठबंधन का मतलब ये नहीं कि...' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि गठबंधन में काम करने का ये मतलब नहीं कि पार्टी अपनी राजनीतिक जगह खो दे. उन्होंने ये भी कहा है कि कांग्रेस को अपनी पहले जैसी महत्वपूर्ण स्थिति तक पहुँचना होगा. शनिवार को दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहाँ उन्होंने सत्ताधारी कांग्रेस के सहयोगी दलों को चेतावनी दे डाली वहीं उन्होंने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने परमाणु समझौते पर मनमोहन सिंह सरकार और प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि भारत-अमरीका परमाणु सहमति भारत के हित में है. 'सरकार विरोधी लहर से बच सकते हैं' कांग्रेस के सहयोगी दलों की ओर इशारा करते हुए उनका कहना था, "किसी गंठबंधन में काम करने का मतलब नहीं कि हम अपनी राजनीतिक जगह खो दें. मैं आपके सामने साधे स्वीकार करती हूँ कि यह एक संतुलन है - राजनीतिक चुनौती है. कांग्रेस को पहले की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में पहुँचना है." चुनावों के संदर्भ में सोनिया ने कहा, "जिस सरकार विरोधी लहर की चर्चा होती रहती है, ऐसा नहीं है कि उससे बचा नहीं जा सकता. यदि हम जनता से जुड़ते हैं तो कोई शक़ नहीं है कि जनता का विश्वास प्राप्त होगा और हमें बेहतर जनसमर्थन मिलेगा." सोनिया ने कहा, "पार्टी सबसे ऊपर है और इससे ऊपर कोई नेता या गुट नहीं है. एक लोकतांत्रिक संगठन वाली पार्टी में बहस की आज़ादी होती है लेकिन जब तक पार्टी किसी मुद्दे पर अपनी राय ज़ाहिर नहीं करती तब तक किसी को भी सार्वजनिक तौर पर राय नहीं देनी चाहिए. जब पार्टी की राय तय हो जाए तो किसी को उससे अलग राय सार्वजनिक तौर पर नहीं रखनी चाहिए." 'धर्मनिरपेक्षता ख़तरे में' विपक्षी दल भाजपा पर तीख़े प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर वह यूपीए सरकार का उस तरह समर्थन नहीं कर रही जैसा कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए किया था. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर विपक्ष के हमलों का ज़िक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि ऐसी कार्रवाई की निंदा करने के लिए कोई शब्द काफ़ी नहीं हैं. अधिवेशन में अपने उदघाटन भाषण में सोनिया ने दो अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित करने के संयुक्त राष्ट्र के निर्णय का स्वागत किया लेकिन साथ ही कहा कि महात्मा गांधी के सिद्घांत उनके अपने ही देश में खतरे में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में धर्मनिरपेक्षता और महात्मा गांधी के सिद्घांत ख़तरे में हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की उपलब्धियों की विस्तृत चर्चा करते हुए सोनिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अधिकतर वादों को पूरा किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'परमाणु एजेंसी से बातचीत न करे सरकार'20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'भाजपा ने फूहड़पन की हदें पार की'20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'महँगाई हो सकती है हार की वजह'06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस कांग्रेस ने कहा, मुलायम इस्तीफ़ा दें19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आज18 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गाँधी ने दो लोगों को नोटिस भेजा03 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु हथियार भारत की मजबूरी: सोनिया29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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