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'युवाओं को आकर्षित करेगी पार्टी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
'कांग्रेस के राजकुमार' राहुल गांधी ने माना है कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में संगठन की कमियों और युवकों को आकर्षित करने में विफल रहने की वजह से ही पार्टी अट्ठारह साल से सरकार से बाहर है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश भर में युवकों को पार्टी से जोड़ने की कोशिश करनी होगी. राहुल गांधी ने पहली उत्तर प्रदेश कांग्रेस ऑफिस में पार्टी की उच्चाधिकार प्राप्त समन्वय समिति की बैठक में हिस्सा लिया और लगभग पाँच सौ चुनिंदा कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की. इस बैठक में उत्तर प्रदेश में पार्टी को निचले स्तर तक सक्रिय करने और जन समस्याओं पर सड़कों पर संघर्ष करने का कार्यक्रम तय किया गया. इनमें राहुल गांधी के अलावा पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल होंगी. राहुल गांधी ने पहली बार एक औपचारिक प्रेस कॉंफ़्रेंस को संबोधित किया. एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया, हम यहाँ अट्ठारह साल से सरकार से बाहर हैं क्योंकि संगठन में कई तरह की कमियां हैं और उत्तर प्रदेश में पार्टी युवकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है. पार्टी संगठन को खोलने की जरूरत है.' और विस्तार से बोलते हुए हुए उन्होंने कहा, यहाँ संगठन में कुछ मूलभूत कमियाँ हैं. अगर आप बहुत बुनियादी बातें जानना चाहते हैं तो ये कमियाँ रेकॉर्ड कीपिंग की है, एंट्री की है और फार्म्स की है, कैसे हम प्रवेश दिलाते हैं लोगों को इन सब चीजों पर बातचीत चल रही है. दूसरी बात यह कि कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में युवकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है हम इस पर ज्यादा जोर देंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी को मुख्य चुनौती मानती है क्योंकि उसका दलित , ब्राह्मण और मुसलमान वोट उसकी तरफ़ चला गया है, राहुल गांधी ने दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया मैं वोट बैंक में विश्वास नहीं करता. राहुल गांधी के अनुसार कांग्रेस पार्टी सबसे गरीब आदमी के लिए काम करना चाहती है. उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल में इस बात की काबलियत होनी चाहिए की वह लोगों का प्रतिनिधित्व कर सके और इसके लिए वह चुनौती पार्टी के अंदर मानते हैं न कि किसी दूसरी पार्टी से. इससे पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि अगले दो महीनों में प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के चार क्षेत्रीय सम्मेलन और रैलियां होंगी जिनमें राहुल गांधी भी शामिल होंगे. दिसंबर में कानपुर में प्रदेश कांग्रेस समिति की साधारण सभा की बैठक होगी जिसमें सोनिया गांधी भी शामिल होंगी. इसके बाद जनवरी में समन्वय समिति की बैठक फ़िर होगी. रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जन समस्याओं पर संघर्ष करेगी. कांग्रेस ने सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के एक नेता द्वारा महात्मा गांधी के कथित अनादर पर सड़क पर संघर्ष का भी एलान किया. एक दिलचस्प बात यह देखने को मिली कि पत्रकार राहुल गांधी को सुनना चाहते थे, लेकिन बार बार श्रीमती रीता जोशी और पार्टी के प्रभारी महामंत्री दिग्विजय सिंह माइक खींच कर जवाब देने लगते. एक पत्रकार ने कहा, इसका मतलब यह लगाया जायेगा कि राहुल को बोलना नहीं आता. तब जाकर राहुल ने सवालों के जवाब दिए और चुटकी लेते हुए कहा, मुझे बोलना आता आप मुझे बोलने तो दीजिये. इस पर जोर से ठहाका लगा. संवाददाताओं का कहना है राहुल गांधी ने पहल करके उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को मैदान में उतार दिया है. राहुल गांधी के आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह था. लेकिन सुरक्षा कारणों से जो लोग अन्दर राहुल गांधी से मिलने नहीं जा सके उनमें नाराज़गी भी दिखी. उन्हें क़ाबू में रखने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी. | इससे जुड़ी ख़बरें राहुल गाँधी ने दो लोगों को नोटिस भेजा03 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया20 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल पर टिकी कांग्रेसियों की उम्मीदें01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी की नई पारी: एक विवेचना04 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस लंबी पारी खेलने आया हूँ : राहुल गांधी05 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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