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'गंभीर स्थिति, देश अव्यवस्था की ओर..' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में आपातकाल लागू किए जाने के बाद निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि वे बहुत निराश हैं. समाचार माध्यमों के अनुसार उन्होंने कहा कि वे इस स्थिति से ख़ुश नहीं हैं और उन्हें लगता है कि पाकिस्तान अव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है. नवाज़ शरीफ़ का कहना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अपने शासन को आगे बढ़ाने के लिए ये क़दम उठाया है. नवाज़ शरीफ़ का कहना है कि इस स्थिति में अब सभी राजनीतिक दलों को मिलकर बैठना होगा और इस संकट का हल निकालने के प्रयास करने होंगे. वे मानते हैं कि पाकिस्तान के पिछले साठ साल के इतिहास में इस समय स्थिति सबसे गंभीर है. आपातकाल, सैन्य शासन का मिश्रण? समाचार माध्यमों के अनुसार देश की ग़ैर-सरकारी संस्था पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष असमा जहाँगीर ने कहा है यह कोई सामान्य आपातकाल नहीं है. उनका कहना है कि यदि आपातकाल संविधान के मुताबिक़ लागू होता है तो संविधान को किनारे नहीं किया जा सकता.
पाकिस्तान टीवी पर इंमरजेंसी के ऐलान में न केवल घोषणा की गई कि आपातकाल लागू हो रहा है बल्कि ये भी कहा गया 'अस्थायी संविधान आदेश' लागू किया जा रहा है. असमा जहाँगीर ने सवाल उठाया है कि क्या ये आपातकाल और मार्शल लॉ यानी सैन्य शासन का मिश्रण है? उनका तर्क है कि आपातकाल में तो मौलिक अधिकार निलंबित किए जाते हैं लेकिन पूरे संविधान को ही किनारे नहीं कर दिया जाता. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान में इमरजेंसी, मुख्य न्यायाधीश बर्ख़ास्त03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाक में शरीफ़ समर्थकों की 'गिरफ़्तारी'09 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नवाज़ शरीफ़ की वापसी से पहले सरगर्मी तेज़09 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'कार्यक्रम के मुताबिक पाकिस्तान जाऊँगा'08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस हरीरी ने भी नवाज़ को न लौटने को कहा08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में हवाई अड्डों पर कड़ी सुरक्षा08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पेशावर में धमाका, 12 लोग घायल08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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