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हेलमंद में '80 तालेबान लड़ाकों की मौत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अमरीकी सेना और अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि हेलमंद प्रांत में हुए संघर्ष में लगभग 80 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. ताज़ा संघर्ष तालेबान के नियंत्रण वाले शहर मूसा क़ला के पास हुआ जहाँ अफ़ीम का भारी पैमाने पर उत्पादन होता है. हालाँकि तालेबान लड़ाकों के मारे जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अफ़ग़ान पुलिस के मुताबिक उन्हें स्थानीय लोगों ने बताया है कि संघर्ष में 15 निर्दोष लोग मारे गए हैं. कहा जा रहा है कि तालेबान लड़ाकों ने अमरीकी सेना की अगुआई वाली गश्ती दल पर पहले हमला किया था. इसके बाद अमरीकी सेना ने युद्धक विमानों के ज़रिए तालेबान के ठिकानों पर बम गिराए. हेलमंद प्रांत में तालेबान लड़ाकों और वहाँ तैनात अंतरराष्ट्रीय सेना के बीच लगातार झड़पें होती रही हैं. संघर्ष गठबंधन सेना के बयान के मुताबिक संघर्ष लगभग छह घंटे तक चला. बीबीसी संवाददाता एलेस्टेयर लीथहेड का कहना है कि मारे गए लोगों की निश्चित संख्या बताना कठिन है. उनका कहना है कि गठबंधन सेना के पास हवाई सर्वेक्षण के अत्याधुनिक तकनीक हैं लेकिन पूरा इलाक़ा नदी के किनारे हैं जहाँ काफी हरियाली है, इसलिए मृतकों की संख्या का अनुमान ही लगाया जा सकता है. पिछले महीने ही अंतरराष्ट्रीय सेना ने हेलमंद से तालेबान लड़ाकों को खदेड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया था. गठबंधन सेना का कहना है कि तब से लेकर अब तक मूसा क़ला के आस-पास 200 से ज़्यादा चरमपंथी मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें काबुल में सामूहिक क़ब्र मिली05 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल हवाईअड्डे पर आत्मघाती हमला31 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी काबुल में विस्फ़ोट, छह मरे03 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में 27 मारे गए29 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल में आत्मघाती हमला, छह मरे06 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस हवाई हमले में '13 नागरिक' मारे गए23 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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