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रिज़वान की मौत की जाँच सीबीआई को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोलकाता हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई को रिज़वान-उर-रहमान की संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई मौत की जाँच के आदेश दिए. अदालत ने सीबीआई को अपनी जाँच रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपने का आदेश दिया है. न्यायमूर्ति सौमित्र पाल ने अपने अंतरिम आदेश में माना कि याचिका में बताई गई परिस्थितियों के मद्देनज़र सीआईडी कंप्यूटर ग्राफ़िक टीचर रिज़वान की मौत की जाँच नहीं कर सकती. विश्लेषकों का कहना है कि हाईकोर्ट का यह फ़ैसला राज्य की वामपंथी सरकार के लिए एक झटका है क्योंकि राज्य की पुलिस इस मामले की जाँच कर रही थी और पुलिस कहती आई थी कि यह आत्महत्या का मामला है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले, पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मामले की जाँच सीआईडी के कराने के आदेश दिए थे. मामला रिज़वान ने कोलकाता के एक हिंदू उद्योगपति अशोक टोडी की बेटी प्रियंका से 18 अगस्त को अंतरधार्मिक विवाह किया था. लेकिन टोडी परिवार ने इस विवाह को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. हालांकि प्रियंका ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि उसने अपनी मर्ज़ी से रिज़वान से शादी की थी. 21 सितंबर को रिज़वान का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में उसके घर पार्क सर्कस से बहुत दूर दमदम इलाके में रेल की पटरियों के पास बरामद हुआ था. रिज़वान की माँ किश्वर जहाँ और बड़े भाई रुकवन-उर-रहमान ने इस मामले में अदालत में याचिका दायर कर सीबीआई जाँच की माँग की थी. रुकवान-उर-रहमान का कहना है, "यह सीधे-सीधे हत्या का मामला है लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है." रुकवान की पत्नी ज़ाहिरा कहती हैं, "अब प्रियंका को चाहिए कि वह सामने आए और सच्चाई बयान करे". रिज़वान के परिवार की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें राज्य की जाँच एजेंसियों पर विश्वास नहीं है. रिज़वान की माँ किश्वर जहाँ ने आरोप लगाया था कि कोलकाता के दो डिप्टी पुलिस कमिश्नरों ने उन्हें इस मामले से अलग रहने की धमकी दी थी. विरोध प्रदर्शन
रिज़वान के परिजनों के सामने आने के बाद कोलकाता के हज़ारों लोग उनके समर्थन में सामने आ गए थे. कोलकाता में लोगों ने ख़ामोश रैलियाँ निकालीं और मोमबत्तियाँ जलाकर प्रदर्शन करते हुए रिज़वान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने उद्योगपति अशोक टोडी और पुलिस विभाग के उनके मित्रों के ख़िलाफ़ सज़ा की माँग की. स्थानीय मीडिया, ख़ासकर बांग्ला टेलीविज़न चैनलों ने इस ख़बरों को ख़ूब महत्व दिया है और कई बड़ी शख़्सियतों ने टीवी पर आकर पश्चिम बंगाल पुलिस और सरकार की इस बात के लिए निंदा की है कि वे 'दो वयस्कों की शादी में दखलंदाज़ी कर रहे हैं'. यहाँ तक कि सीपीएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने उस पुलिस अधिकारी को हटाने की बात कही थी जिस पर इस मामले में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. बढ़ते दबाव के चलते मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने रिज़वान के घर जाकर उनकी माँ से मुलाक़ात की थी और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'विक्टोरिया मेमोरियल को प्रदूषण से बचाएँ'29 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस हाना फ़ोस्टर की याद में स्कूल20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'मदर टेरेसा आज भी हमारे साथ हैं'04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'अपना दूसरा घर छोड़कर कहाँ जाऊँ?' 19 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस भारत से चली ट्रेन ढाका पहुँची08 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस चौखट के बाहर की दुनिया में क़दम28 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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