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श्याम सरन नेपाल दौरे पर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में संविधान सभा के चुनाव अनिश्चित काल के लिए टाले जाने से चिंतित भारत ने अपने विशेष दूत श्याम सरन को चर्चा के लिए वहाँ भेजा है. अपने दो दिवसीय दौरे में वे जल्द से जल्द चुनाव करवाने की संभावनाओं के बारे सभी पक्षों से चर्चा करेंगे. उल्लेखनीय है कि नेपाल में अंतरिम सरकार से माओवादियों के हटने के बाद वहाँ राजनीतिक संकट गहरा गया है और सरकार को संविधान सभा के 22 नवंबर को होने वाले चुनाव स्थगित करने पड़े हैं. माओवादी चाहते हैं कि संविधान सभा के चुनाव से पहले ही नेपाल में राजशाही को ख़त्म कर दिया जाए और नेपाल में लोकतंत्र घोषित कर दिया जाए. भारत के पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन नेपाल में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं. वे इस समय भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते के लिए प्रधानमंत्री के विशेष दूत की भूमिका भी निभा रहे हैं. भारत अपने पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता से चिंतित है और चाहता है कि नेपाल में जितनी जल्दी हो सके चुनाव होने चाहिए और लोकतंत्र की स्थापना होनी चाहिए. भारतीय विदेश विभाग के सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसियों ने कहा है कि नेपाल में लोकतंत्र की बहाली के लिए भारत हर तरह की सहायता देने के लिए तैयार है. इस बीच नेपाल में सात नवंबर को अंतरिम संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें इस विषय पर चर्चा होगी. |
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