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नेपाल में संविधानसभा का चुनाव टला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में सात दलों के सत्तारूढ़ गठबंधन और पूर्व माओवादी विद्रोहियों के बीच लोकतांत्रिक सुधारों के मसले पर जारी गतिरोध को देखते हुए नवंबर में होने वाले संविधान सभा के चुनाव टाल दिए गए हैं. गठबंधन सरकार संविधान सभा के चुनाव से पहले ही राजशाही को पूर्ण रूप से ख़त्म करने के लिए तैयार नहीं है. माओवादी चुनाव प्रक्रिया में भी बदलाव की माँग कर रहे हैं. पिछले साल हुए ऐतिहासिक समझौते के तहत माओवादियों ने हथियार डाल दिए थे और सरकार में भी शामिल हो गए. 22 नवंबर को घोषित संविधानसभा के चुनाव समझौते का अभिन्न हिस्सा था. लेकिन सरकार में शामिल होने के बाद कई मुद्दों पर मतभेद उजागर होने लगे. नेपाली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश शरण महत ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "नेताओं ने चुनाव स्थगित करने का फ़ैसला किया है लेकिन कोई नई तारीख़ घोषित नहीं हुई है." माओवादियों ने पूर्ण गणराज्य की घोषणा के साथ-साथ समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू करने की माँग की थी. पर्यवेक्षकों का कहना है कि माओवादी ये माँग इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि प्रत्यक्ष चुनाव में वो ज़्यादा सीटें हासिल नहीं कर पाएंगे. माओवादियों ने अपनी माँगे नहीं माने जाने पर जनविरोध शुरू करने की चेतावनी दी है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल बातचीत में कोई सहमति नहीं04 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में गहराता राजनीतिक संकट29 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिण नेपाल में हिंसा, 20 मरे20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल:माओवादियों को मनाने की कोशिश19 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादी सरकार से अलग हुए18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'राजशाही ख़त्म नहीं, तो चुनाव में बाधा'18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस काठमांडू में धमाके, दो लोग मारे गए02 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाँच और महलों का राष्ट्रीयकरण हो'26 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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