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मुशर्रफ़ राष्ट्रपति चुने गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव में परवेज़ मुशर्रफ़ को अनाधिकारिक तौर पर विजयी घोषित कर दिया गया है, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव नतीजों की आधिकारिक घोषणा पर रोक लगा रखी है. पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त काज़ी मोहम्मद फ़ारूक़ ने पत्रकारों को बताया कि कुल 257 वोट डाले गए जिसमें परवेज़ मुशर्रफ़ को 252 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जस्टिस वजीहुद्दीन को सिर्फ़ दो वोट मिले, तीन वोट रद्द कर दिए गए. चुनाव परिणाम की अधिसूचना तभी जारी की जाएगी जब पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट परवेज़ मुशर्रफ़ की उम्मीदवारी की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर फ़ैसला सुना देगी. संसद और चारों प्रांतीय एसेंबलियों में स्थानीय समयानुसार सवा दस बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक मतदान चला. चुनाव में पाकिस्तान की संसद के दोनों सदनों और चारों प्रांतीय असेंबलियों के सदस्य भाग लिया. बीबीसी संवाददाता एजाज़ मेहर के मुताबिक मतदान शुरू होने से पहले पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने ये कह कर बहिष्कार कर दिया कि मुशर्रफ़ वर्दी में चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए उन्होंने मतदान में हिस्सा नहीं लिया. सेना प्रमुख रहते राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के विरोध में विपक्षी गठबंधन ऑल पार्टीज़ डेमोक्रैटिक मूवमेंट (एपीडीएम) में शामिल संसद और प्रांतीय असेंबलियों के 164 सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. दरअसल, राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के दो प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दाख़िल की थीं कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष रहते हुए यह चुनाव नहीं लड़ सकते. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे इन याचिकाओं पर विचार करने के लिए कुछ और समय की ज़रूरत है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद राष्ट्रपति चुनावों के बारे में और भ्रम पैदा हो गया है. मुशर्रफ़ को विजयी घोषित तो कर दिया गया है लेकिन उन्हें अधिसूचना के लिए इंतज़ार करना पड़ेगा यानी अभी उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ़ नहीं हुआ है. 17 अक्तूबर से मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं की सुनवाई शुरू होगी. इसके ठीक एक दिन बाद यानी 18 अक्तूबर को पूर्वी प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता बेनज़ीर भुट्टो ने स्वदेश लौटने की घोषणा कर रखी है. सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के बीच सुलह हो गई है. समझौते के तहत बेनज़ीर भुट्टो के ख़िलाफ़ चल रहे पुराने मामले वापस ले लिए गए हैं. इसे सत्ता साझीदारी के समझौते की ओर एक अहम क़दम माना जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुशर्रफ़ और बेनज़ीर में सुलह05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस चुनाव समय पर, नतीजे देर से05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस समझौते की घोषणा आज संभव05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस पैनल का एक जज सुनवाई से हटा03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस वर्दी के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति28 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'बातचीत के दरवाज़े खुले रखने चाहिए'27 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सियासत का माहिर जनरल24 अप्रैल, 2002 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के हालात पर अमरीका 'चिंतित'24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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