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चुनाव समय पर, नतीजे देर से | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शनिवार, छह अक्तूबर को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाला चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो सकता है मगर परिणामों के लिए इंतज़ार करना होगा. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के दो प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दाख़िल की थीं कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष रहते हुए यह चुनाव नहीं लड़ सकते. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उसे इन याचिकाओं पर विचार करने के लिए कुछ और समय की ज़रूरत है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद राष्ट्रपति चुनावों के बारे में और भ्रम पैदा हो गया है. संभावना जताई जा रही है कि परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रीय एसेंबली और प्रांतीय एसेंबलियों में अपने चुनाव के लिए ज़रूरी बहुमत हासिल कर सकते हैं. मगर संवाददाताओं का कहना है कि अगर परवेज़ मुशर्रफ़ अगर छह अक्तूबर को होने वाले चुनावों में जीत के लिए ज़रूरी बहुमत हासिल भी कर लेते हैं तो भी उनकी हार-जीत का फ़ैसला तब तक नहीं हो सकता जब तक सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर कोई फ़ैसला नहीं सुनाए कि सेनाध्यक्ष पद पर रहते परवेज़ मुशर्रफ़ उम्मीदवारी संवैधानिक थी या नहीं. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने सुप्रीम कोर्ट के पैनल के मुख्य जज जावेद इक़बाल के हवाले से कहा है, "पैनल ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला लिया है और निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़े मगर जीते हुए उम्मीदवार के नाम की घोषणा तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि याचिकाओं पर कोई फ़ैसला नहीं हो जाता है." जावेद इक़बाल ने कहा कि इन याचिकाओं पर सुनवाई की प्रक्रिया 17 अक्तूबर से शुरू होगी. ग़ौरतलब है कि 18 अक्तूबर को बेनज़ीर भुट्टो ने स्वदेश लौटने की घोषणा कर रखी है. समझौता सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के बीच सत्ता बँटवारे के बारे में कोई समझौता होने की संभावना है.
कहा गया है कि समझौते का मसौदा तैयार कर लिया गया है और इसके तहत राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और बेनज़ीर भुट्टो के बीच सत्ता में साझेदारी होगी. समझौते के तहत बेनज़ीर भुट्टो सहित कई राजनीतिज्ञों के ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोप वापस ले लिए जाएँगे और निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहीं बेनज़ीर भुट्टो के वापस पाकिस्तान लौटने का रास्ता साफ़ हो जाएगा. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो घोषणा कर चुकी हैं कि वे आमचुनाव में भाग लेने के लिए 18 अक्तूबर को स्वदेश लौटेंगीं. इस बीच बेनज़ीर भुट्टो ने विपक्ष के साथ संसद से इस्तीफ़ा देने की धमकी को छोड़ दिया है. जबकि दूसरे विपक्षी दलों ने इस्तीफ़े दे दिए हैं. विपक्ष का कहना है कि वर्दी के साथ परवेज़ मुशर्रफ़ का राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ना असंवैधानिक है. | इससे जुड़ी ख़बरें समझौते की घोषणा आज संभव05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सत्ता में साझेदारी का अंतिम मसौदा तैयार'05 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस होठों तक आ गया है प्याला04 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस पैनल का एक जज सुनवाई से हटा03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस वर्दी के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति28 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'बातचीत के दरवाज़े खुले रखने चाहिए'27 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सियासत का माहिर जनरल24 अप्रैल, 2002 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के हालात पर अमरीका 'चिंतित'24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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