|
उत्तर प्रदेश में छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य के सभी 29 विश्वविद्यालयों और 11 सौ डिग्री कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध लगा दिया है. छात्र समुदाय ने इस फ़ैसले पर गहरी नाराज़गी जताई है जबकि शिक्षा अधिकारियों ने फ़ैसले का स्वागत किया है. मायावती ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर दुरूस्त करने और संस्थानों में पठन-पाठन के लायक माहौल बनाने के लिए यह क़दम उठाया गया है. उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों और शैक्षणिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से फ़ैसले पर अमल करने को कहा है. लखनऊ विश्वविद्यालय के उपकुलपति आरपी सिंह ने कहा है कि फ़ैसला स्वागत योग्य है. दूसरी ओर गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, औरिया और अन्य जगहों पर छात्र नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. छात्र नेताओं ने फ़ैसले के विरोध में शनिवार को गोरखपुर में बंद का आयोजन किया है. राज्य में शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध लगाने की माँग करते रहे थे लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव छात्र संघ चुनावों के प्रबल पक्षधर रहे हैं. मुलायम सिंह यादव का मानना है कि छात्र संघ चुनावों से ही भविष्य के नेता उभरते हैं. मायावती सरकार के इस फ़ैसले से विपक्ष को बड़ा मुद्दा मिल गया है जिस पर राजनीति गरमा सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'रोज़गारोन्मुख पाठ्यक्रम बनाए जाएँ'05 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस छात्रसंघ चुनावों में हिंसा, प्रोफ़ेसर की मौत26 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस जेएनयू में फिर लहराया लाल झंडा29 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस एएमयू पर बड़ा राजनीतिक विवाद05 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस कारनामा एक विश्वविद्यालय का | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||