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'फ़ैसला मुशर्रफ़ के पतन की शुरुआत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट से स्वदेश वापसी का रास्ता साफ होने के बाद नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि यह 'सैनिक शासक जनरल मुशर्रफ़ के पतन की शुरुआत है'. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में निर्वासित जीवन जी रहे पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को तानाशाही की हार और लोकतंत्र की जीत बताया. उन्होंने कहा कि वो जल्द से जल्द पाकिस्तान लौटेंगे. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिए फ़ैसले में कहा है कि नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शहबाज़ शरीफ़ को एक नागरिक के रूप में स्वदेश लौटने का पूरा अधिकार है और सरकार इस रास्ते में कोई रोड़ा नहीं अटकाए. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान किया जाएगा और इसे लागू करने के लिए ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी. पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के एक प्रवक्ता ने भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया है. पाकिस्तान स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मौज़ूदा हालात में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता बेनज़ीर भुट्टो पर जनरल मुशर्रफ़ के विरोध में विपक्ष के साथ एकजुट होने का दबाव बढ़ सकता है. 'लोकतंत्र के लिए सही फ़ैसला' नवाज़ शरीफ़ अभी लंदन में हैं और पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अपने एजेंडे पर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं.
शरीफ़ ने कहा कि उनकी वापसी पाकिस्तान में लोकतंत्र के लिए सही क़दम साबित होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल मुशर्रफ़ क़ानून के शासन में विश्वास नहीं रखते. नवाज़ शरीफ़ का कहना था कि जनरल मुशर्रफ़ की तानाशाही 'हार' चुकी है. वो इस साल के अंत में या अगले साल शुरू में होने वाले संसदीय चुनावों में हिस्सा लेने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं. सरकारी प्रतिक्रिया पाकिस्तान सरकार के एक प्रवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले से जुड़े तमाम राजनीतिक और अन्य मुद्दे अब लोगों के सामने हैं और सभी को न्यायालय के फ़ैसले और आदेश का सम्मान करना होगा. प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में भविष्य में तमाम क़दम देश के क़ानून के अनुसार उठाए जाएंगे. प्रवक्ता ने कहा, "हम दुनिया को दिखा देंगे कि हम क़ानून का पालन करते हैं और निष्पक्षता और सहिष्णुता में विश्वास करते हैं."
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा सरकार उदार, लोकतांत्रिक और आर्थिक रूप से चलायमान देश में भरोसा करती है जिसे सभ्य देशों का सम्मान भी मिलता है, एक मज़बूत राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी है कि समाज के सभी वर्ग राष्ट्रीय हित में हाथ मिलाएँ और ऐसा कुछ नहीं किया जाए जिससे क़ायदे आज़म मोहम्मद अली जिन्ना के विश्वासों, एकता और अनुशान पर कोई आँच आए. निर्वासन 57 वर्षीय नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शहबाज़ शरीफ़ क़रीब सात साल से निर्वासित जीवन जी रहे हैं. ग़ौरतलब है कि अक्तूबर 1999 में तत्कालीन सेना अध्यक्ष परवेज़ मुशर्रफ़ ने नवाज़ शरीफ़ सरकार का तख़्ता पलट करके सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया था. बाद में परवेज़ मुशर्रफ़ और नवाज़ शरीफ़ के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार को विदेश जाने की इजाज़त दे दी गई थी तभी से नवाज़ शरीफ़ और उनका परिवार विदेशों में रह रहे हैं. नवाज़ शरीफ़ दो बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. |
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