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चारों बंधक न्यायाधीशों के शव मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में एक पखवाड़ा पहले अपहृत चार न्यायाधीशों के शव ग़ज़नी प्रांत से बरामद हुए हैं. इन हत्याओं की ज़िम्मेदारी तालेबान विद्रोहियों ने ली है. एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि न्यायाधीशों के शव देहयाक ज़िले से बरामद हुए हैं. ये न्यायाधीश पड़ोसी प्रांत पक़्तिता में नियुक्त थे. इन न्यायाधीशों का अपहरण 23 दक्षिण कोरियाई नागरिकों को बंधक बनाने के एक दिन बाद हुआ था. ग़ज़नी से बंधक बनाए गए दो कोरियाई नागरिकों की तालेबान ने हत्या कर दी है. हत्या खुद को तालेबान का प्रवक्ता बताने वाले क़ारी यूसुफ़ ने बीबीसी को बताया, "हमारे मुजाहिदीनों ने मंगलवार की रात लगभग आठ बजे चार न्यायधीशों को मार दिया." प्रवक्ता ने कहा, "उनकी हत्या इसलिए की गई क्योंकि वे अफ़गानिस्तान सरकार के लिए काम कर रहे थे." समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार उसके फ़ोटोग्राफ़र ने इन चारों व्यक्तियों के शवों को देखा. इनमें से एक व्यक्ति को सिर में गोली मारी गई थी, जबकि तीन अन्य के शरीर गोलियों से छलनी थे. पिछले महीने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के कंधार प्रांत के पंजवाई ज़िले में मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध तालेबान विद्रोहियों ने न्यायाधीश क़ाज़ी नमतुल्लाह कीगोली मारकर हत्या कर दी थी. तालेबान से संबंध रखने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का कहना था कि संगठन ने न्यायाधीश को इसलिए मारा क्योंकि वो सरकार के लिए काम कर रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें दूसरे कोरियाई बंधक का शव मिला31 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस एक और कोरियाई बंधक की हत्या30 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस रिहाई के लिए बातचीत के प्रयास22 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस जर्मन बंधकों की स्थिति पर विरोधाभास21 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान कमांडर ने ख़ुद अपनी जान ली24 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक का निधन23 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस पर हमला12 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान चरमपंथियों की कड़ी आलोचना11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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