|
गुजरात के राज्यपाल ने विधेयक लौटाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के राज्यपाल नवल किशोर शर्मा ने गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता संशोधन विधेयक, 2006 को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया है. गुजरात के राज्यपाल का कहना था कि इस विधेयक से संविधान के अनुच्छेद 25 का प्रावधान प्रभावित होता है. राज्यपाल ने गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार को विधेयक पर फिर विचार करने के लिए कहा है. राज्यपाल ने अपनी आपत्ति में कहा है कि इसमें जैन और बौद्ध समुदाय को हिंदू धर्म का ही अंग बताया गया है, जबकि इन्हें अलग धर्म माना जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी जैन को विशेष धर्म का दर्जा दिया है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया, अहमदाबाद के स्थानीय संपादक भरत देसाई ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि राज्यपाल ने अटार्नी जनरल की सलाह के बाद विधेयक लौटाया है. राज्यपाल ने इस लौटाने के जो तर्क दिए हैं, उसमें इसे संविधान के विपरीत बताया है, साथ ही कहा है कि यह अदालत में चुनौती देने पर नहीं टिकेगा. विधेयक पर आपत्तियाँ सबसे पहले इस विधेयक को 2003 में गुजरात विधानसभा में पारित किया गया था. बाद में इसमें और भी संशोधन किए गए.
इसमें धर्मातरण पर नियंत्रण करने की बात है जिसे कई नेता धर्म चुनने की स्वतंत्रता का हनन बता रहे हैं. विधेयक में एक प्रावधान जोड़ा गया है जिसके मुताबिक जैन और बौद्ध हिंदू हैं. इसी प्रकार शिया व सुन्नी और प्रोटेस्टैंट व कैथोलिक को भी एक साथ रखा गया है. इस विधेयक के पारित हो जाने पर सरकार की अनुमति के बिना ही जैन, बौद्ध और हिंदुओं के बीच धर्मातरण संभव हो जाएगा. लेकिन हिंदू, मुसलमान या ईसाई आपस में ऐसा नहीं कर सकते. विधेयक के अनुसार यदि कोई हिंदू ईसाई बनना चाहता है, तो उसे सबसे पहले जिलाधिकारी को सूचना देनी होगी. राज्यपाल ने विधेयक को वापस करने का कारण बताते हुए कहा है कि इसमें दी गई धर्मांतरण की परिभाषा मानने पर राज्य सरकार जबरन धर्मातरण को रोक नहीं पाएगी. पत्रकार भरत देसाई का कहना है कि अब मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को कहने का मौक़ा मिल जाएगा कि वो धर्म परिवर्तन रोकना चाहते थे लेकिन राज्यपाल ने ऐसा नहीं होने दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें बीजेपी में बढ़ सकती है आंतरिक कलह30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस राजनाथ सिंह ने किए बड़े बदलाव29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मोदी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मोदी विरोधी मुहिम तेज़ हुई19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मोदी की सराहना की आडवाणी ने21 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस गुजरात बीजेपी में खींचतान बढ़ी01 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||