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मंगलवार, 31 जुलाई, 2007 को 18:41 GMT तक के समाचार
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गुजरात के राज्यपाल ने विधेयक लौटाया
राज्यपाल नवल किशोर शर्मा
राज्यपाल ने धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक पर आपत्ति जताई है
गुजरात के राज्यपाल नवल किशोर शर्मा ने गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता संशोधन विधेयक, 2006 को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन बताते हुए पुनर्विचार के लिए वापस कर दिया है.

गुजरात के राज्यपाल का कहना था कि इस विधेयक से संविधान के अनुच्छेद 25 का प्रावधान प्रभावित होता है.

राज्यपाल ने गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार को विधेयक पर फिर विचार करने के लिए कहा है.

राज्यपाल ने अपनी आपत्ति में कहा है कि इसमें जैन और बौद्ध समुदाय को हिंदू धर्म का ही अंग बताया गया है, जबकि इन्हें अलग धर्म माना जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी जैन को विशेष धर्म का दर्जा दिया है.

 विधेयक में जैन और बौद्ध समुदाय को हिंदू धर्म का ही अंग बताया गया है जबकि इन्हें अलग धर्म माना जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी जैन को विशेष धर्म का दर्जा दिया है.
नवल किशोर शर्मा, गुजरात के राज्यपाल

टाइम्स ऑफ़ इंडिया, अहमदाबाद के स्थानीय संपादक भरत देसाई ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि राज्यपाल ने अटार्नी जनरल की सलाह के बाद विधेयक लौटाया है.

राज्यपाल ने इस लौटाने के जो तर्क दिए हैं, उसमें इसे संविधान के विपरीत बताया है, साथ ही कहा है कि यह अदालत में चुनौती देने पर नहीं टिकेगा.

विधेयक पर आपत्तियाँ

सबसे पहले इस विधेयक को 2003 में गुजरात विधानसभा में पारित किया गया था. बाद में इसमें और भी संशोधन किए गए.

नरेंद्र मोदी
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं

इसमें धर्मातरण पर नियंत्रण करने की बात है जिसे कई नेता धर्म चुनने की स्वतंत्रता का हनन बता रहे हैं.

विधेयक में एक प्रावधान जोड़ा गया है जिसके मुताबिक जैन और बौद्ध हिंदू हैं.

इसी प्रकार शिया व सुन्नी और प्रोटेस्टैंट व कैथोलिक को भी एक साथ रखा गया है.

इस विधेयक के पारित हो जाने पर सरकार की अनुमति के बिना ही जैन, बौद्ध और हिंदुओं के बीच धर्मातरण संभव हो जाएगा.

लेकिन हिंदू, मुसलमान या ईसाई आपस में ऐसा नहीं कर सकते.

विधेयक के अनुसार यदि कोई हिंदू ईसाई बनना चाहता है, तो उसे सबसे पहले जिलाधिकारी को सूचना देनी होगी.

राज्यपाल ने विधेयक को वापस करने का कारण बताते हुए कहा है कि इसमें दी गई धर्मांतरण की परिभाषा मानने पर राज्य सरकार जबरन धर्मातरण को रोक नहीं पाएगी.

पत्रकार भरत देसाई का कहना है कि अब मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को कहने का मौक़ा मिल जाएगा कि वो धर्म परिवर्तन रोकना चाहते थे लेकिन राज्यपाल ने ऐसा नहीं होने दिया.

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