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लाल मस्जिद में झड़पें, कर्नल की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में लाल मस्जिद में छिपे कट्टरपंथी इस्लामी छात्रों और सैनिकों के बीच भीषण झ़ड़पें हुई हैं. सेना ने मस्जिद की घेराबांदी की हुई है. पाकिस्तानी सेना के कमांडो मस्जिद की दीवारों में विस्फोट कर रहे थे ताकि मस्जिद में फँसे हुई महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला जा सके. छात्रों ने उन पर गोलीबारी की और सैन्य अधिकारियों के मुताबिक एक कमांडो लेफ़्टिनेंट कर्नल हारून इस्लाम इस गोलीबारी में मारे गए और एक अन्य सैनिक बुरी तरह घायल हो गया. बीबीसी उर्दू सेवा को सेना के प्रवक्ता की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक हारून इस्लाम मस्जिद में छिपे कट्टरपंथियों की गोलीबारी में घायल हो गए थे. उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. लगभग एक सप्ताह से लाल मस्जिद और उससे संबंधित मदरसे में रहने वाले कट्टरपंथी छात्रों और सेना के बीच तनाव चल रहा है जिसके कारण बीस से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. इससे पहले पुलिस ने मदरसे की इमारत पर अपना कब्ज़ा जमा लिया था. मुशर्रफ़ की चेतावनी शनिवार को इस गोलीबारी से कुछ देर पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद की लाल मस्जिद के अंदर मौजूद कट्टरपंथी इस्लामी छात्रों को चेतावनी दी थी कि यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे तो सैन्य कार्रवाई में मारे जाएँगे.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सरकारी टीवी पर कहा कि यदि ये छात्र लाल मस्जिद को नहीं छोड़ते तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद ग़ाजी ने कहा है कि मस्जिद के अंदर स्थित लोग सेना के आगे घुटने टेकने के बजाए मरना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा कि वे इस मसले का शांतिपूर्ण हल चाहते हैं और वो नहीं चाहते हैं कि इस्लामाबाद के हालात भी बग़दाद जैसे हो जाएँ. मस्जिद की ओर से यह भी बताया गया कि अपने बचाव और सैन्य कार्रवाई से निपटने के लिए सबसे आगे युवा छात्रों को मोर्चे पर लगाया गया है. इसके पीछे कुछ छात्राओं का दस्ता है. इस बीच लाल मस्जिद के आसपास हो रही गोलीबारी के कारण धार्मिक और संसदीय नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल लाल मस्जिद परिसर में दाख़िल नहीं हो पाया. यह प्रतिनिधिमंडल छात्रों के नेता और मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद ग़ाजी से बातचीत करने की उम्मीद से वहाँ गए थे. मस्जिद के मौलवी अब्दुल रशीद ग़ाजी ने शनिवार के बताया था कि मस्जिद में लगभग 1800 लोग मौजूद हैं. इनमें बच्चे भी शामिल हैं. हालांकि एक हज़ार से ज़्यादा लोग मस्जिद से बाहर आ चुके हैं. मस्जिद की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई है. बताया जा रहा है कि वहाँ खाने की भी कमी होने लगी है. |
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