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जसवंत सागर बाँध टूटने की कगार पर

बाढ़
राज्य के दो अन्य ज़िलों - पाली और बाड़मेर में भारी बारिश से पहले ही स्थिति ख़राब है
राजस्थान के जोधपुर ज़िले में स्थित जसवंत सागर बाँध में दरार आ गई हैं. बंध टूटने की कगार पर है और उससे तेज़ी से पानी निकल रहा है.

बाँध से हो रहे इस अनियंत्रित बहाव के कारण आसपास के 30 किलोमीटर परिधि का क्षेत्र प्रभावित हुआ है.

उधर प्रशासन कोशिश कर रहा है कि किसी तरह बाँध से पानी का निकास किया जाए और उसे टूटने से बचाया जा सके.

प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए आसपास के 38 गाँवों और बिलाड़ा कस्बे के लोगों को चेतावनी जारी कर दी है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.

दूसरी ओर राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा पर झालावाड़ ज़िले में कुछ लोग बाढ़ के पानी में बह गए हैं.

प्रशासन के अनुसार दस लोगों को बचा लिया गया. इस जगह केवल दो शव मिले हैं जबकि 15 लोग लापता बताए गए हैं.

उस क्षेत्र में गोताखोर लगाए गए हैं पुलिस के जवान भी राहत कार्यों में सक्रिय हैं.

बाढ़ की स्थिति

पानी का बहाव इतना तेज़ है कि इसके चलते जोधपुर-जयपुर राजमार्ग पर आवागमन बंद हो गया है.

बाँध से निकल रहे पानी के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. रेल यातायात पर भी इस स्थिति का असर पड़ा है और कई रेलगाड़ियाँ रद्द कर दी गई हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार थार एक्सप्रेस के अलावा मुंबई और अहमदाबाद की ओर जाने वाली कई रेलगाड़ियों को स्थगित कर दिया गया है.

स्थिति से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य
38 गाँवों के लोगों को चेतावनी जारी
शुक्रवार को छोटी-बड़ी नौ दरारें देखी गईं
जोधपुर-जयपुर राजमार्ग पर आवाजाही बंद
मुंबई को जाने वाली रेलगाड़ियाँ रद्द
सेना ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया

हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस घटना में किसी के मारे जाने की ख़बर नहीं है.

प्रशासन के कई आला-अधिकारी मौके पर मौजूद है. बाँध को सही करने के लिए सेना से भी मदद माँगी गई है.

पुराना बाँध

जसवंत सागर बाँध की इस स्थिति को लेकर चिंता इसलिए भी है क्योंकि ये क़रीब 115 वर्ष पुराना बाँध है.

जोधपुर के इस सबसे बड़े बाँध को वर्ष 1892 में अंग्रेज़ी हुकूमत ने बनवाया था. यह बाँध जोधपुर के कई इलाकों में जलापूर्ति का काम करता है.

बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर को ही इस बाँध में छोटी-बड़ी नौ दरारें देखी गई थीं. इनसे पानी का रिसाव तेज़ी से हो रहा था.

इनमें से देर रात तक एक दरार काफ़ी बड़ी हो गई है जिससे तेज़ी से पानी निकल रहा है.

सेना ने स्थिति की गंभीरता को जानने के लिए पूरे प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया है. लगातार इस बहाव के कारण हो रहे नुकसान पर नज़र रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके.

दरअसल, यह बाँध लूनी नदी के पास स्थित है इसलिए नदी के तटवर्ती गाँवों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है.

उधर राज्य के दो अन्य ज़िलों पाली और बाड़मेर में भारी बारिश से काफ़ी नुकसान हुआ है.

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