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कई राज्यों में बारिश और बाढ़, 80 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी राज्यों-आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ की वजह से कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा इन राज्यों के कई ज़िलों में सड़क और रेल यातायात पूरी तरह ठप्प पड़ चुका है. आंध्र प्रदेश के बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ ने बताया कि राज्य में पिछले शुक्रवार से हो रही बारिश की वजह से 32 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. हालांकि पहले यहाँ मृतकों की संख्या 45 बताई गई थी लेकिन बाद में करनूल ज़िले में नदी में बहे 13 लोगों को जीवित बचा लिया गया. केरल में भी पिछले दिनों से जारी बारिश से 17, महाराष्ट्र में 14 और कर्नाटक में 19 लोगों के मरने की ख़बर है. आंध्र प्रदेश में लगातार दो दिनों से जारी बारिश के बाद रविवार को थोड़ी राहत मिली और यहाँ तटीय इलाक़ों से पानी का कम होना शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने बाढ़ प्रभावित करनूल, प्रकाशम, गुंटूर और कृष्णा का हवाई सर्वेक्षण किया है. कुरनूल ज़िला बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है और यहां के नंदयाल कस्बे को पूरे क्षेत्र में चार-चार फुट तक पानी भर गया है. राज्य में कुरनूल में 9, गुंटूर में 5, प्रकाशम में चार और करीम नगर, कड़पा, महबूब नगर और हैदराबाद में तीन-तीन लोगों की मौत हो गई है.पूर्वी गोदावरी और श्रीकाकुलम ज़िले में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए मुआवज़ा देने की घोषणा की है. इससे पहले कुरनूल में 13 लोग कुंडू नदी में बह गए थे लेकिन ये सभी लोग शनिवार को जीवित बचा लिए गए. बिजली-जलापूर्ति प्रभावित बंगाल की खाड़ी में बने उच्च दबाव के कारण हुई बारिश से राज्य में रेल और सड़क मार्ग को तो काफ़ी नुकसान पहुँचा ही है, संचार, बिजली और जलापूर्ति की व्यवस्था भी बाधित हुई है. विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें स्थगित कर दी गई हैं. शनिवार रात अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा कि करनूल में 84 हज़ार लोगों को 51 राहत शिविरों में पहुँचाया गया है. हालांकि तटीय इलाक़ों में पानी घटने लगा है और गुंटूर और प्रकाशम में लोग शिविरों से अपने घरों को लौटने लगे हैं. महाराष्ट्र के पुणे में भी भारी वर्षा के बीच शनिवार को दो अलग-अलग जगहों पर दीवारें गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हो गए. इसके अलावा मुंबई में भी एक इमारत ढह गई और इसमें दबकर दो लोग मर गए.मुंबई और उसके उपनगरीय क्षेत्रों में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी भारी बारिश हुई. इस मौसम की पहली बारिश में सड़क और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. भारी बारिश अधिकारियों के अनुसार महाराष्ट्र और गोवा में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है. कर्नाटक में भी शुक्रवार और शनिवार को हुई भारी बारिश और बाढ़ की वजह से 19 लोगों की मौत हो गई. राज्य में बीजापुर, गुलबर्ग, बगलकोट, दक्षिण कन्नड़, धारवाड़ और शिमोगा ज़िले बाढ़ी की चपेट में आ गए हैं. बीजापुर में छह, रायचूर में सात, हसन में तीन और शिमोगा और मदिकेरी में एक-एक लोगों की मौत हो गई है. केरल में भी दो दिनों से जारी बारिश से 17 लोगों के मौत की ख़बर है. वायनाड ज़िले में 5 लोगों की मौत हुई है. इसमें एक ही परिवार के चार लोग हैं, जो भूस्खलन के शिकार हो गए. इसके अलवा कोझीकोड में चार और कन्नूर, कोट्टायम और कोल्लम में दो-दो लोगों के मारे जाने की ख़बर है. तिरूवनंतपुरम में बिजली और जल आपूर्ति दूसरे दिन भी बाधित रही. तेज़ हवाओं से रेल पटरियों पर पेड़ों के गिर जाने से रेल सेवा भी बाधित हुई है. कोच्चि में भी निचले इलाक़ों में कई घर जलमग्न हो गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कराची में तूफ़ान और बाढ़ से 36 की मौत23 जून, 2007 | भारत और पड़ोस ग्लोबल वार्मिंग: कारण और उपाय07 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर में बाढ़ के कारण लाखों प्रभावित04 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में बाढ़, स्कूल बंद03 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बाढ़ से उड़ीसा, मध्यप्रदेश में स्थिति गंभीर 01 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'रेत पर साँप की तरह आया पानी'01 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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