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'पहली बार आतंकवाद झेल रहा है पाक' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान पहली बार आतंकवाद देख रहा है. उन्होंने कहा कि वे सोचते हैं कि अब वहाँ के लोगों को समझ में आ रहा होगा कि कट्टरपंथ किसी भी समाज के लिए ख़तरनाक होता है. दिल्ली में महिला पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 'पाकिस्तान की स्थिति' के चलते दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया कुछ धीमी पड़ी है. जब इस्लामाबाद में लाल मस्जिद के घटनाक्रम की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया गया तो उन्होंने कहा, "कट्टरपंथ किसी भी समाज के लिए ख़तरनाक होता है." समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने 'आतंकवाद' को एक अभिशाप बताते हुए कहा, "आतंकवाद एक साझा दुश्मन है. वह शैतान है. हम इसे झेल रहे हैं और यह कठिन स्थिति है. मैं समझ सकता हूँ कि क्या हो रहा है." पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ हाल ही में हुई मुलाक़ात के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, "हमने साझा मुद्दों पर बात की, सीमा को अप्रासंगिक बनाने पर और व्यापार बढ़ाने पर बात हुई." उन्होंने कहा कि एक सहमति बनी है. उनका कहना था कि इतिहास में भारत-पाक वार्ता कभी इस तरह से नहीं हुई थी. प्रधानमंत्री ने कहा, "हम नहीं कहते कि हमारे पास कोई हल है लेकिन हमने रिश्तों के हर पहलू पर प्रगति की है." पाकिस्तान यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि वे उपयुक्त समय आने पर वहाँ जाएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें लाल मस्जिद गोलीबारी में 10 की मौत03 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी नागरिकों के लिए मुआवज़ा 05 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस आज़ादी के दिन मछुआरे होंगे रिहा04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है'16 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस भारत पाक में साझा तंत्र पर सहमति 07 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस आतंकवाद निरोधक ढांचे की बैठक06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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