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भारत पाक में साझा तंत्र पर सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान आतंकवाद निरोधक साझा तंत्र की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त बयान जारी किया है और तय किया है कि इसकी बैठकें हर तीन महीने पर होंगी. संयुक्त बयान के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज़ सरना ने संवाददाताओं को बताया कि इन बैठकों को हर तीन महीने पर करने का फ़ैसला किया गया है लेकिन ज़रुरी हुआ तो जानकारियों के आदान प्रदान के लिए इन बैठकों का इंतज़ार नहीं किया जाएगा. सरना ने बताया कि दोनों पक्ष इस बात पर भी राज़ी हुए हैं कि दोनों एक दूसरे को ऐसी सूचनाएं भी दें जिससे चरमपंथी घटनाओं को रोकने में मदद मिले. यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने अपनी ज़मीन पर होने वाली चरमपंथी गतिविधियों से जुड़े सबूत पाकिस्तान को सौंपे हैं तो उनका कहना था कि सबूत दिए गए हैं लेकिन सबूत क्या और कौन से हैं ये पत्रकारों को नहीं बताया जा सकता. उनका कहना था कि यह देखना बहुत ज़रुरी होगा कि सबूत देने के बाद क्या प्रगति होती है. माना जाता है कि इस बैठक के दौरान समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों से जुड़े कुछ सबूत भारत ने पाकिस्तान को सौंपे हैं. इस बारे में पूछे जाने पर सरना ने बिल्कुल स्पष्ट कहा कि भारत का बलूचिस्तान में होने वाली घटनाओं में किसी भी तरह का कोई हाथ नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारतीय राजनयिकों पर नए प्रतिबंध01 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने शाहीन-2 का परीक्षण किया23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत दोस्त या दादा: विशेष पेशकश16 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-पाक के बीच परमाणु समझौता21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस समझौता विस्फोट की साझा जाँच नहीं21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस आतंकवाद निरोधक ढांचे की बैठक06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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