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महिला सैन्य अधिकारी ने आत्महत्या की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना की एक महिला अधिकारी ने आत्महत्या की है. पुलिस के अनुसार कैप्टन मेघा राज़दान ने जम्मू की सैन्य छावनी स्थित अपने घर पर फाँसी लगाकर आत्महत्या की है. मेघा राज़दान ने एक 'सुइसाइड नोट' भी छोड़ा है. सेना ने इस घटना की जाँच शुरू कर दी है. भारतीय सेना में आत्महत्या करने की घटनाओं में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है. पिछले साल 100 से अधिक सैनिकों ने आत्महत्या की थी. बढ़ती घटनाएँ पिछले वर्ष जून में एक अन्य महिला अधिकारी लेफ़्टिनेंट सुष्मिता चक्रवर्ती ने भारतीय सेना के उत्तरी कमान के मुख्यालय उधमपुर में ख़ुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. विश्लेषकों का कहना है कि लाखों की तादाद वाली भारतीय सेना के सैनिक बहुत तनाव में हैं. हालाँकि पिछले कुछ दशकों में सेनाओं को पूर्ण युद्ध का सामना नहीं करना पड़ा है, लेकिन सीमा पर चौकसी के अलावा उन्हें देश में चरमपंथी गतिविधियों से निपटने के लिए तैनात किया जाता रहा है. यहाँ तक कि दंगे पर नियंत्रण के लिए भी नागरिक प्रशासन अक्सर सेना की मदद लेता है. अधिकाँश विशेषज्ञों का मानना है कि सैनिकों में बढ़ते तनाव का कारण उनका गिरता मनोबल, काम की जटिल परिस्थितियां, छुट्टियों की कमी और तनख़्वाह का कम होना है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद की कमी भी मानसिक तनाव का कारण बनती है. इसके अलावा आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं के लिए सैनिकों की घरेलू या पारिवारिक समस्याएँ भी बड़ी वजह हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सेना का नया शत्रु है 'तनाव'14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एक और सैनिक ने आत्महत्या की11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सेना ने 'सदभावना' अभियान वापस लिया04 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर में सेना की 'सदभावना' पर सवाल29 मई, 2007 | भारत और पड़ोस सेना में आत्महत्या के मामलों की जाँच10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर में एक सैनिक को मौत की सज़ा25 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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