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'गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं हैं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति पद के लिए शिव सेना ने यूपीए - वाम दलों की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को समर्थन क्या दे दिया, उसके सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी ने 22 साल की दोस्ती पर सवालिया निशान लगा दिए. हालांकि शिव सेना अभी भी भाजपा को अपना दोस्त बता रही है और दोस्ती को और मजबूत करने के पक्ष में है. शिव सेना के नेता उद्धव ठाकरे ने कहा, "हम अभी भी भाजपा को अपना दोस्त मानते हैं और गठबंधन से हटने का कोई कारण नहीं देखते. मैं भाजपा के प्रति कड़े शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहता जैसा कि उन्होंने किया है". भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गोपीनाथ मुंडे ने शिवसेना पर कांग्रेस का समर्थन करने का आरोप लगाया था जिसके बारे में उद्धव ने सफ़ाई दी कि प्रतिभा पाटिल को उनका समर्थन सिर्फ मराठी होने के कारण है. पहली बार नहीं... राष्ट्रपति चुनावों में क्षेत्रीय उम्मीदवारों को समर्थन देने का यह मसला नया नहीं है. इससे पहले राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के चुनाव के दौरान अकाली दल ने उनके प्रति अपना समर्थन जताया था जबकि पार्टी कांग्रेस का विरोध कर रही थी. प्रेक्षकों का कहना है कि चूंकि शिव सेना मूलतः एक क्षेत्रीय पार्टी है और हमेशा महाराष्ट्र के गौरव की बात करती रही है और यही मूल कारण है कि शिव सेना ने प्रतिभा पाटिल को समर्थन देने की बात कही है. इतना ही नहीं आँकड़े देखें तो भी एनडीए समर्थित उम्मीदवार भैरों सिंह शेखावत के लिए जीत आसान नहीं है और ऐसे में जब अपने उम्मीदवार की जीत पक्की न हो तो फिर समर्थन देकर कोई बात नहीं बनती. साथ बना रहे प्रतिभा पाटिल को समर्थन देकर शिव सेना न केवल अपने मराठी वोटों को पक्का कर रही है बल्कि महाराष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को भी दर्शाना चाहती है.
दूसरी तरफ शिव सेना के लिए महाराष्ट्र की गद्दी बिना भाजपा के समर्थन के हासिल कर पाना मुश्किल है और इसलिए वो भाजपा के ख़िलाफ़ कड़े शब्दों का प्रयोग भी नहीं कर रहे हैं. प्रेक्षकों का कहना है कि सत्ता में न रहने वाले गठबंधन के क्षेत्रीय दलों का ऐसा करना स्वाभाविक है क्योंकि वो अपने क्षेत्रीय वोट बैंक को संतुष्ट करने की कोशिश करते हैं और ऐसे में दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी उनके बारे में क्या सोचती है इससे उनको फ़र्क़ नहीं पड़ता. इतना ही नहीं प्रतिभा पाटिल के नाम के चयन से पूरे महाराष्ट्र में पार्टी प्रतिबद्धताओं से परे आम जनता में खुशी की लहर है और इस जनभावना को भी शिव सेना ने समर्थन के ज़रिए प्रतिबिंबित करने की कोशिश भी है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुख्यमंत्री मैं चुनूँगा- बाल ठाकरे09 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस शिवसेना में बेटा-भतीजा विवाद चरम पर17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस शिव सेना-भाजपा गठबंधन पर संकट04 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस शेखावत पर शिव सेना का फ़ैसला आज19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस शिवसेना प्रतिभा पाटिल का समर्थन करेगी25 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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