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मेडिकल परीक्षा के नतीजों पर रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य मेडिकल प्रवेश (सीपीएमटी) परीक्षा के नतीजों पर रोक लगा दी है और इसमें कथित धांधली के आरोपों की जाँच के लिए समिति बनाई है. राज्य भर में परीक्षा परिणाम के विरोध में छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया था. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में धांधली हुई है. इन छात्रों ने परीक्षा परिणामों पर रोक लगाने की माँग की थी. आंदोलन पर ऊतारू छात्रों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री मायावती के आवास से कुछ ही दूरी पर एक बस में आग लगा दी. सरकार को आशंका थी कि तुरंत कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन और उग्र रुप ले सकता है. इस बार सीपीएमटी परीक्षा का आयोजन पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जॉनपुर) ने किया था और गुरुवार को ही इसके नतीजे घोषित किए गए थे. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री लालजी वर्मा ने नतीजों पर आधारित काउंसेलिंग पर भी रोक लगा दी है और पूरे मामले की जाँच के लिए विशेष सचिव की अध्यक्षता में पाँच सदस्यी कमेटी गठित की है. इस बार मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए 1500 सीटें थी जिनके लिए लगभग 84 हज़ार छात्रों ने आवेदन किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें पुलिस भर्ती में युवकों ने उत्पात मचाया06 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का राज़14 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'प्रवेश परीक्षाएँ बंद नहीं हो सकती'28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दसवीं में अब कोई फेल नहीं होगा22 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस परीक्षा-प्रणाली में बदलाव के लिए सुझाव05 जून, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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