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दसवीं में अब कोई फेल नहीं होगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दसवीं बोर्ड की परीक्षा को तनावरहित बनाने के लिए सरकार ग्रेड व्यवस्था लागू करने जा रही है जिसके लागू होने पर दसवीं में अब कोई छात्र फेल नहीं होगा. नई व्यवस्था 2007-08 से लागू हो जाएगी. बुधवार को स्कूली शिक्षा परिषद की बैठक में देश के 41 परीक्षा बोर्डों में से 31 ने इस व्यवस्था को सहमति दे दी है. यह फ़ैसला बोर्ड परीक्षाओं में फेल होनेवाले छात्रों की आत्महत्या करने की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखकर किया है. शिक्षा परिषद और सीबीएससी के प्रमुख अशोक गांगुली ने बताया कि परीक्षा के लिए निर्धारित तीन घंटे के अलावा प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा. इसके अलावा विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक 25 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत कर दिए जाएंगे और लिखित परीक्षा के अंक 75 से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिए जाएंगे. नई व्यवस्था के तहत 2008 में दसवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होनेवाले छात्रों का मूल्यांकन ग्रेड के आधार पर होगा. अशोक गांगुली ने बताया कि गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी के कारण बड़ी संख्या में फेल होनेवाले छात्रों को पढ़ाई में जुटे रहने के लिए इन विषयों को आसान बनाया जाएगा. साथ ही बोर्ड परीक्षा में चार विषयों में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ग्यारहवीं में भेज दिया जाएगा और उन्हें फेल हुए विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए दो साल का समय दिया जाएगा. |
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