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हाई कोर्ट ने हड़ताल को ग़ैरक़ानूनी ठहराया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली हाई कोर्ट ने घरेलू एयरलाइन 'इंडियन' के कर्मचारियों की हड़ताल को ग़ैरक़ानूनी क़रार देते हुए उन्हें तुरंत काम पर लौटने को कहा है. दूसरी ओर कर्मचारियों ने साफ़ कर दिया है कि हड़ताल जारी रहेगी. जस्टिस जे पी सिंह ने बुधवार रात को दिए अपने आदेश में कर्मचारी यूनियनों को यात्रियों के हित में हड़ताल वापस लेने का निर्देश दिया है. अदालत ने दिल्ली हवाई अड्डे के 200 मीटर दूर तक नारेबाजी करने और प्रदर्शन करने पर भी रोक लगा दी है. साथ ही अदालत ने हड़ताली कर्मचारियों से मुख्य श्रम आयुक्त द्वारा शुरू की गई सुलह प्रक्रिया में भाग लेने को कहा है. दूसरी ओर भारत सरकार ने अचानक हड़ताल पर चले गए 'इंडियन' के कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वे काम पर नहीं लौटे तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वैसे कार्रवाई की शुरुआत करते हुए सरकार ने 23 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो सरकार को सख़्त क़दम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने कर्मचारियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, " हड़ताल जारी रहने की स्थिति में सरकार को 267 करोड़ रुपए के उस पैकेज पर भी विचार करना होगा जिसे सरकार ने संसाधनों की कमी के बावजूद स्वीकृत किया था." उनका कहना था कि कर्मचारी बिना नोटिस दिए अचानक ही हड़ताल पर चले गए हैं और यह ग़ैरक़ानूनी है. अफ़रातफ़री उधर 'इंडियन' के 12 हज़ार से अधिक कर्मचारियों के मंगलवार की रात से अचानक देशव्यापी हड़ताल पर चले जाने से हवाई अड्डों पर अफ़रातफ़री का माहौल है और उड़ाने बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी 'ग्राउंड-स्टाफ़' हैं और इनके न होने से चेक-इन से लेकर बैगेज संभालने वालों तक कोई भी काम पर नहीं है. इस हड़ताल के कारण दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, बंगलौर, कोलकाता सहित सभी घरेलू उड़ानों पर असर पड़ा है. यात्री हवाई अड्डों पर अटके पड़े हैं और उन्हें लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है. हड़ताली कर्मचारी अपने लिए बेहतर वेतन और तरक्की की बेहतर नीति की माँग कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि सरकार को 'इंडियन' और 'एयर इंडिया' का विलय करना है तो दोनों सेवाओं के कर्मचारियों को समान सुविधाएँ देनी होंगी. एयर कॉर्पोरेशन एम्प्लाइज़ यूनियन (एसीईयू) के महासचिव जेके बडोला ने कहा, "प्रबंधन के साथ हमारी बातचीत टूट गई है. उन्होंने वेतनमान फिर से निर्धारित करने का अपना वादा नहीं निभाया है इसलिए हम मंगलवार की रात से हड़ताल पर हैं." बडोला ने कहा है कि यह हड़ताल अनिश्चितकाल तक चलेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें हड़ताल से उड़ानें बुरी तरह प्रभावित13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'इंडियन' के कर्मचारी हड़ताल पर13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंज़ूरी01 मार्च, 2007 | कारोबार इंडियन-एयर इंडिया के विलय को मंजूरी21 फ़रवरी, 2007 | कारोबार हवाई अड्डा कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त04 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डा कर्मियों की हड़ताल जारी02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाईअड्डों पर हड़ताल का मिलाजुला असर01 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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