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तमिलों के निष्कासन पर स्पष्टीकरण माँगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कोलंबो से तमिल समुदाय लोगों को बाहर निकाले जाने के मामले में पुलिस प्रमुख से स्पष्टीकरण माँगा है. इससे पहले श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने तमिलों को निकाले जाने पर रोक लगा दी थी. गुरुवार को राजधानी कोलंबो से तमिल समुदाय के लगभग 400 लोगों को बाहर निकाले जाने की व्यापक निंदा हुई थी. इन लोगों को कोलंबों से बाहर, देश के उत्तरी और पूर्वी भाग में ले जाया गया. पुलिस प्रमुख से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगने के बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने कहा है कि वे उन शिकायतों के बारे में भी ग़ौर करेंगे जिसमें कहा गया है कि तमिलों को तकलीफ़ो का सामना करना पड़ा. हालांकि सरकार का कहना था कि उसे शक है कि तमिल विद्रोही कोलंबो में बम धमाके करने की योजना बना रहे हैं. लेकिन इसका कोई सबूत पेश नहीं किया गया. गुरुवार को सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था- "ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें कई लोग छह महीने से ज़्यादा समय से कोलंबो में रह रहे हैं और बहाना ये बनाते हैं कि वे अपना परिचय पत्र या पासपोर्ट बनवाने के लिए यहाँ आए हैं." कोलंबो में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का गुरुवार को शहर से बाहर निकाले गए लोगों पर कोई असर नहीं होगा. अगले महीने एक अन्य अदालत में इस मामले पर सुनवाई होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें कोलंबो से तमिलों को निकालने पर रोक08 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'रेड क्रॉस के राहतकर्मियों की हत्या'03 जून, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई और सेना के बीच संघर्ष03 जून, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में धमाका, पाँच की मौत28 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में 15 तमिल विद्रोही मारे गए'18 मई, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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