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'रेड क्रॉस के राहतकर्मियों की हत्या' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में रेड क्रॉस का कहना है कि जिन दो राहतकर्मियों को राजधानी कोलंबो से अगवा किया गया था, उनकी हत्या कर दी गई है. इन दोनों लोगों के शव कोलंबो से करीब 100 किलोमीटर दूर रतनपुरा ज़िले से बरामद किए गए. पुलिसकर्मी होने का दावा करने वाले दो बंदूकधारियों ने इन दोनों राहतकर्मियों का अपहरण कर लिया था. ये राहतकर्मी तमिल समुदाय के थे.श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वे मामले की जाँच कर रही है. पिछले वर्ष अगस्त में फ़्रांस के 17 राहतकर्मियों की श्रीलंका में हत्या कर दी गई थी और उसके बाद से राहत कार्य में लगे लोगों को मारने की ये सबसे बड़ी घटना है. इस बीच सैनिकों और तमिल विद्रोहियों के बीच वावुनिया ज़िले में ताज़ा झड़पों की ख़बरे हैं. वर्ष 2002 में श्रीलंका सरकार और एलटीटीई के बीच हुए संघर्षविराम हुआ था लेकिन पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष तेज़ हुआ है. आधिकारिक तौर पर तो संघर्षविराम की स्थिति है लेकिन आए दिन होने वाली झड़पों और लड़ाई के चलते स्थिति गंभीर होती जा रही है. वर्ष 2005 के अंत से लेकर अब तक हिंसा में करीब चार हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में धमाका, पाँच की मौत28 मई, 2007 | भारत और पड़ोस दस तमिल विद्रोहियों को मारने का दावा05 मई, 2007 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोहियों ने फिर किया हवाई हमला29 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण लड़ाई, अनेक हताहत11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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