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विवाहेत्तर संबंध बनाने पर सज़ा-ए-मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में एक कबायली पंचायत ने एक महिला और तीन पुरुषों को विवाहेत्तर संबंधों का दोषी ठहराते हुए उन्हें सरेआम गोली मार दी. मौत की सज़ा का ये फरमान अफ़ग़ानिस्तान सीमा से सटे गाँव ख़ैबर की पंचायत यानी जिरगा ने सुनाया. पाकिस्तान में विवाहेत्तर संबंध अपराध है और अक्सर कबायली पंचायतें इस अपराध में लिप्त लोगों को मौत की सज़ा से दंडित करती हैं. पिछले साल पाकिस्तान ने बलात्कार और व्याभिचार से संबंधित इस्लामिक क़ानून में संशोधन को मंजूरी दी थी. नए क़ानून में विवाहेत्तर संबंधों के अपराध में मौत की सज़ा के प्रावधान को हटा दिया गया है. ख़ैबर के एक ग्रामीण हाजी जान गुल ने समाचार एजेंसी रायटर को बताया, "हमने एक पुरुष और एक औरत को आपत्तिजनक अवस्था में पाया. इन दोनो के साथ एक पुरुष और था जो शराब के नशे में था और महिला के साथ पहले ही शारीरिक संबंध बना चुका था. इस काम में मालिक मकान भी लिप्त था." उन्होंने कहा, "चारों ने अपना जुर्म स्वीकार किया. हमने अपनी परंपरा और रिवाज के मुताबिक उन्हें दंड दिया." ख़बरों के अनुसार जिस वक़्त इन लोगों को गोली मारी गई, उस दौरान वहाँ लगभग 600 लोग मौजूद थे. | इससे जुड़ी ख़बरें बलात्कार मामले में छह लोग गिरफ़्तार31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में बलात्कार संबंधी नया क़ानून23 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'सिर्फ़ पाकिस्तान ही क्यों..?'07 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस पुत्रवधू का 'बलात्कारी' ससुर गिरफ़्तार16 जून, 2005 | भारत और पड़ोस बलात्कारियों को 16 दिन में सज़ा01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस मुख्तार माई मामले में शौकत का दख़ल18 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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