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'बाघों के शिकार पर कोर्ट की हिदायत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान के हाईकोर्ट ने रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में शिकार होने की सूरत में उद्यान निदेशक को ज़िम्मेदार मानने की बात कही है. भारत में बाघों की एक प्रमुख शरणस्थली राजस्थान के रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की सुरक्षा के लिए अदालत ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं. कोर्ट के अनुसार उद्यान में कैमरे तो जा सकेंगे लेकिन उनका फ़्लैश वहाँ हरक़त में नहीं आएगा. हाईकोर्ट ने ये निर्देश राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटक वाहनों की नीति को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए. इस मामले में अदालत की सहायता कर रहे वक़ील महेंद्र सिंह कच्छावा ने बीबीसी को बताया कि अदालत ने बाघ उद्यान के आसपास वाणिज्यिक गतिविधियाँ रोकने और अतिक्रमण हटाने की भी हिदायत दी है. अदालत ने राष्ट्रीय उद्यान मे डीज़ल वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है और सीएनजी एवं पेट्रोल वाहनों की ही इज़ाज़त दी है. न्यायालय ने कहा कि इस उद्यान पर राज्य पर्यटन निगम का कोई अधिकार नहीं होगा और आवंटित धनराशि सीधे मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक के नाम ही जाएगी. वन्य जीव कल्याण पर काम कर रहे महेंद्र सिंह कच्छावा कहते हैं,"जंगली जानवरों की हिफ़ाज़त और परवरिश के लिए यह बहुत ज़रूरी फ़ैसला है." रणथंभौर शुष्क पतझड़ी वनों वाला रणथंभौर अरावली और विंध्य पर्वत श्रंखलाओं का मिलन स्थल भी है. कोई 392 वर्ग किलोमीटर में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान में बाघ सदियों से पनाह लेते रहे हैं. रियासत काल में यह जयपुर राजघराने का शिकारगाह था. आज़ादी के बाद 1961 में इंग्लैंड की महारानी पूर्व राजपरिवार की अतिथि बनकर आईं तो रणथंभौर में बाघ का शिकार किया गया था. आधिकारिक तौर पर ये कहना मुश्किल है कि वहाँ कितने बाघ हैं. वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक अभी वहाँ 32 बाघ हैं जबकि 13 शावक भी घूमते हुए पाए गए हैं. तीन दिन पहले दो मादा शावक रणथंभौर के एक वीरान कुएं में गिरकर मौत का शिकार हो गए. बाघों को यहाँ देखना आसान है. इसलिए हर साल कोई एक लाख से अधिक पर्यटक रणथंभौर आते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बाघों को बचाने की प्रधानमंत्री की अपील25 मई, 2005 | भारत और पड़ोस सरिस्का से ग़ायब होता वनराज17 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस भारत में बाघों की गिनती का कार्यक्रम16 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस वनराज की खाल का बढ़ता बाज़ार27 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस रणथंभौर के पर्यटन व्यवसाय में खलबली10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लगातार घट रही है बाघों की संख्या24 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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