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बुधवार, 09 मई, 2007 को 10:35 GMT तक के समाचार
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मुंबई धमाकों में सज़ा का निर्धारण शुरू
1993 के मुंबई बम धमाके
मुंबई में 1993 में अनेक स्थानों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे
1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में शामिल होने के आरोप से बरी 23 अभियुक्तों को रिहा कर दिया गया है, साथ ही विशेष टाडा अदालत ने दोषी क़रार दिए गए अभियुक्तों के लिए सज़ा का निर्धारण शुरू कर दिया है.

इनमें से तीन अभियुक्त इस समय अदालत में पेश नहीं थे, हालाँकि उन्हें पहले से ही सूचित कर दिया गया था.

जो तीन लोग अदालत में पेश नहीं हुए वो थे - हनीफ़ा अब्दुल रज़्ज़ाक मेमन, देवीदास घुले और मोहम्मद अहमद मंसूर शोएब अहमद. हनीफ़ा अब्दुल रज़्ज़ाक को अस्वस्थ बताया गया.

जिन बीस लोगों को अदालत ने बुधवार को रिहा किया उनमें मुख्य अभियुक्त टाइगर मेमन के भाई सुलेमान मेमन और एक अन्य अभियुक्त याक़ूब मेमन की पत्नी रहीन मेमन भी शामिल हैं.

रिहा किए जाने वालों में अन्य के नाम हैं - अशफ़ाक़ हवलदार, मोईनुद्दीन अब्दुल क़ादर, शकील शहाबुद्दीन शेख़, अनंत भोइर, फ़ैसल रहमान अब्दुल ख़ान, इस्माईल पटेल, कृष्णा मोकल, कृष्णा पिंगल, मनोहर मोरे, मंसूर अहमद कुरैशी, रुख़साना ज़रीवाला, इस्माईल क़ादरी, शेख़ बाबूलाल कासम शेख़, सुल्ताने रोमगुल, अजय मारवाह, अब्दुल अज़ीज़ क़ादर, मोहम्मद इक़बाल इब्राहीम और मोहम्मद इब्राहीम ख़ान.

इस मामले के सभी 123 अभियुक्तों को बुधवार को अदालत में पेश होने के लिए सम्मन जारी किए गए थे जिनमें फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त भी थे.

संजय दत्त उन 100 अभियुक्तों में शामिल हैं जिन्हें दोषी क़रार दिया जा चुका है.

14 साल तक चले मुक़दमों के बाद अदालत ने बुधवार को अपने फ़ैसले के पत्र सौंपने शुरू कर दिए. इस मुक़दमे को भारतीय न्यायिक व्यवस्था में सबसे लंबे चले मुक़दमों में से एक कहा जा रहा है.

संजय दत्त पर एके-56 राइफ़ल और 9एमएम की पिस्तौल की छाया अब भी बरक़रार है. उन्हें पहले ही दोषी क़रार दिया जा चुका है और अधिकतम पाँच साल की जेल की सज़ा सुनाई जा सकती है.

लेकिन संजय दत्त ने जेल की सज़ा के ख़िलाफ़ यह दलील दी है कि उसने समाज की भलाई के लिए काफ़ी कुछ किया है लेकिन जेल की सज़ा से बचने के लिए यह दलील शायद काफ़ी नहीं है.

दोषी क़रार दिए जा चुके अन्य अभियुक्तों ने भी कहा है कि अगर अभिनेता होने के नाते संजय दत्त के साथ नरमी बरती जा सकती है तो उनके साथ भी ऐसा ही बर्ताव होना चाहिए.

सज़ा की प्रक्रिया

अभियुक्तों को सज़ा सुनाए जाने की प्रक्रिया पूरी होने में कई दिन का समय लग सकता है. मुंबई बम धमाकों के सिलसिले में 100 लोगों को विभिन्न आरोपों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है जिनमें साज़िश रचने, बम लगाने और धमाके करने में मदद करने जैसे आरोप शामिल हैं.

दोषी क़रार दिए गए लोगों में मेमन परिवार के चार सदस्य भी हैं जिन पर हथियारों और विस्फोटक सामग्री का ज़ख़ीरा जमा करने की साज़िश रचने के आरोप भी हैं. अभियोजन पक्ष ने माँग की है कि उन अभियुक्तों को फाँसी की सज़ा दी जाए.

संजय दत्त और कुछ अन्य अभियुक्तों को कुछ कम गंभीर अपराधों का दोषी क़रार दिया गया है. इनमें कुछ पुलिसकर्मी और सीमाशुल्क अधिकारी भी शामिल हैं जिन पर आरोप है कि उन्होंने विस्फोट सामग्री को लाने-ले जाने के लिए अपनी आँख मूंदने की एवज़ कुछ लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की.

बम लगाने और साज़िश रचने के आरोप में 47 लोगों को दोषी क़रार दिया गया है. इनमें से तीन अभियुक्तों को कुछ रियायत दी गई है जबकि 44 अन्य को फाँसी की सज़ा सुनाई जा सकती है.

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