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'मैं संन्यासी हूँ माफ़िया नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोरखपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी हैं. योगी अपने आपको हिंदू हितों का पैरोकार मानते हैं. तीसरी बार संसद में पहुँचे योगी आदित्यनाथ के अपनी ही पार्टी के साथ संबंधों में अच्छे नहीं रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले ही टिकट बँटवारे के सवाल पर उन्होंने पार्टी तक छोड़ दी थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े फ़ैक्टर के तौर पर उभरे योगी आदित्यनाथ से बीबीसी संवाददाता रेणू अगाल ने गोरखपुर में उनसे बात की. पेश बातचीत के मुख्य अंश. आप भाजपा से सांसद हैं लेकिन पार्टी से आपके संबंध हमेशा चर्चा में रहते हैं. इन खट्टे-मीठे संबंधों को कैसे बना कर रखते हैं? देखिए मैं हिंदू हितों के मुद्दे लेकर चलता हूँ. जब भाजपा के लोग हिंदू हितों की बात करते हैं उसका समर्थन करते हैं तो हमारे संबंधों में मिठास रहते हैं और अगर वो हिंदू हितों के ख़िलाफ़ जाते हैं तो हमारे संबंधों में खटास आ जाती है. और मैं समझता हूँ कि ऐसा होना भी चाहिए. अगर सिर्फ़ मीठा-मीठा रहेगा तो मधुमेह की बीमारी हो जाएगी. टिकट बंटवारे को लेकर कड़ुवाहट पैदा हुई और जो दरारें आईं वो ऐसा लगता है कि अभी ठीक तरह से भरी नहीं हैं. इसकी क्या वजहें थीं? टिकट वितरण को लेकर कोई समस्या नहीं थी. मुझसे सूची मांगी गई थी मैंने सूची दी लेकिन उस सूची का सार्वजनिक होना मुझे अपमानजनक लगा. हम लोगों ने उस पर अपना विरोध दर्ज किया और जब विरोध को अनसुना किया गया तो हमने दूसरा रास्ता अपनाया. पार्टी ने ग़लतियां स्वीकार कीं. ग़लत लोगों पर कार्रवाई करने की बात कही. तब हम एक मंच पर आए. लेकिन तब तक पार्टी को कुछ नुकसान हो चुका था. इस पूरे प्रकरण की वजह से पार्टी का कितना नुकसान होगा? उसकी भरपाई हम कर देंगे. बस वहाँ से कोई ग़लत प्रत्याशी चुनाव न लड़ रहा हो. पार्टी का काडर होगा तो कोई दिक्कत नहीं होगी. ऐसी कितनी सीटें होंगी पूर्वांचल में? गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ और देवीपाटन में ऐसी क़रीब 18 से 20 सीटें होंगी जहाँ टिकट वितरण में सावधानी बरती जानी चाहिए थी. जिससे बेहतर परिणाम देखने को मिलते. लेकिन मैं समझता हूँ कि अभी भी भाजपा की स्थिति बढ़िया रहेगी. आजकल ऐसा लगता है कि भाजपा के साथ भगवा की पट्टी नहीं है चाहे उमा भारती हों, चिन्मयानंद हों या आप हों. इन लोगों के साथ भाजपा का टकराव अधिक रहता है? देखिए मेरे काम करने की अपनी शैली है. मैं एक मिशन पर काम करता हूँ. चाहे कोई सहयोग करे या न करे मैं अपने मिशन पर काम करता रहूँगा. आपकी कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठते हैं. आपको भी एक ख़ास तरह का माफ़िया डॉन माना जाता है. इस पर आप क्या कहना है? जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तह वैसी. जिनकी सोच ख़ुद माफ़िया जैसी है वो मुझे माफ़िया समझते होंगे. मैं एक सामान्य संन्यासी और धर्माचार्य हूँ जो हिंदू जागरण के अभियान में लगा हुआ है. हिंदू जागरण का काम अगर माफ़िया का काम है तो मुझे यह भी स्वीकार है. राजनेता के तौर पर हमें बताएं कि क्या हिंदुत्व जागरण लक्ष्य होना चाहिए कि देश का विकास भी लक्ष्य होना चाहिए? हिंदुत्व सुरक्षित रहेगा तो विकास होगा. अगर राष्ट्र सुरक्षित की नहीं रहेगा तो विकास की बात ही नहीं उठती. जब तक जेहादी और मज़हबी जुनून पर रोक नहीं लगेगी तब तक उग्रवाद पर रोक नहीं लगाई जा सकती है और हम लोगों की चिंता का विषय यही है. गोरखपुर का आम आदमी मच्छर के आतंक से मर रहा है. इंसेफ़लाइटिस से मर रहा है. कहाँ जेहाद और उग्रवाद की सोचेगा? ये जेहादी जब विकास नहीं सोच पाते तो उनकी गंदी सोच से ही मच्छर पैदा होते हैं. गोरखपुर में माफ़िया और मच्छर के ख़िलाफ़ हमने ही संघर्ष किया है और इसमें हम सफ़ल भी होंगे. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के जो रुझान है उससे तो लगता है कि किसी को भी स्पष्ट बहुमत मिलने वाला नहीं है और इसका असर केंद्र की राजनीति पर भी दिखेगा. उस स्थिति को आप कैसे देखते हैं? अगर एक विचारधारा वाले संगठनों की सरकार नहीं बन पाती तो फिर से जनता के बीच जाना चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए. भाजपा और सपा के गठबंधन के बारे में आपका क्या कहना है? देखिए भाजपा और सपा विचारधारा के स्तर पर धुर विरोधी हैं. मैं मुलायम सिंह की विचारधारा, उनके गुंडा राज, माफ़ियाराज और राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ उनके संबंधों का हमेशा से विरोधी रहा हूँ. इसलिए मैं इस प्रकार के गठबंधन का भी विरोध करूंगा. | इससे जुड़ी ख़बरें दो समाजवादी दोस्तों की तक़रार17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस यूपी चुनावों में प्रचार के नए तरीके31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी बढ़े04 मई, 2007 | भारत और पड़ोस फूट-फूटकर रो पड़े सांसद...12 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस आदित्यनाथ का कार्यकारिणी से इस्तीफ़ा15 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नाराज़ योगी का भाजपा से विद्रोह27 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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