|
उत्तर प्रदेश चुनावों से 'असली मुद्दे नदारद' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में असली मुद्दों पर जातिवादी राजनीति के हावी रहने के सवाल पर बीबीसी हिंदी डॉट कॉम की परिचर्चा में गंभीर विचार-विमर्श हुआ. आगरा विश्वविद्यालय के जनसंचार और पत्रकारिता विभाग और बीबीसी हिंदी डॉटकॉम ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में इस परिचर्चा का आयोजन किया जिसमें आगरा विश्वविद्यालय से जुड़े बुद्धिजीवियों, पत्रकारिता विभाग के छात्रों और कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने हिस्सा लिया. परिचर्चा का विषय था - 'उत्तर प्रदेश चुनाव में जातिगत समीकरण असली मुद्दों पर हावी क्यों नज़र आ रहे हैं.' डॉक्टर बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर एएस कुकला ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव ही वह माध्यम है जिससे सुशासन लाया जा सकता है. उनका कहना था, "चुनाव पर जिस तरह धन और बाहुबल का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, उसे रोकने के लिए चुनाव आयोग को शासकीय बल का सहारा लेना पड़ा है." प्रोफ़ेसर कुकला ने यह भी कहा कि इसके साथ समाज में 'कलम माफ़िया' का भी उदय हो चुका है, जो चिंता का विषय है. दैनिक हिंदुस्तान के स्थानीय संपादक हिमांशु घिल्डियाल ने इस मौक़े पर कहा कि आज चुनाव में जो मूल मुद्दे हैं, वे अदृश्य हो गए हैं और राजनीतिक नेता चुनाव जीतने के लिए ऐसी मनभावन बातें कर रहे हैं जो उनके कार्यक्षेत्र की लक्ष्मण रेखा से बहुत दूर हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आगरा ही उदाहरण लिया जाए तो चुनावों के दौरान न तो पर्यटन और न ही यमुना प्रदूषण की बात हो रही है. इसके बजाए उम्मीदवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाए जाने की घोषणा कर रहे हैं जो उनके कार्यक्षेत्र के बाहर है. मीडिया का काम जनसंचार और पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर गिरिजा शंकर शर्मा ने कहा कि मीडिया का काम जनता को चुनाव के समय जागरूक करने और उनमें नई चेतना जगाने का होना चाहिए. उनका कहना था कि यदि जनता शिक्षित नहीं होगी तो उन्हें इसका मूल्य ग़रीबी आदि के रूप में चुकाना होगा.
बीबीसी हिंदी डॉटकॉम की ओर से पत्रकारिता के क्षेत्र में नई तकनीक के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई और विद्यार्थियों को बीबीसी हिंदी डॉटकॉम पर उपलब्ध सामग्री के बारे में बताया गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्तर प्रदेश चुनाव पर बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के फ़ोरम पर अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम का संचालन संस्थान के सदस्य और ताज प्रेस क्लब के महासचिव उपेंद्र शर्मा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अजय शर्मा ने किया. |
इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर प्रदेश में 45 प्रतिशत मतदान07 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'वंदे मातरम' को अनिवार्य करेगी भाजपा02 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल पर टिकी कांग्रेसियों की उम्मीदें01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यकों को रिझाने की कोशिश31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस यूपी चुनावों में प्रचार के नए तरीके31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में खुला मुक़ाबला13 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||