|
तालेबान ने 'अफ़ग़ान पत्रकार की हत्या की' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान ने कहा है कि उन्होंने पिछले महीने अगवा किए गए अफ़ग़ान पत्रकार अजमल नक्शबंदी की हत्या कर दी है. अजमल नक्शबंदी और एक इतालवी पत्रकार को उनके ड्राइवर के साथ छह मार्च को हेलमंद प्रांत से अगवा कर लिया था. लेकिन इतालवी पत्रकार को तालेबान के पाँच लोगों को रिहा करने के एवज में छोड़ दिया गया था. तालेबान ने कहा है कि अफ़ग़ान पत्रकार की हत्या इसलिए की गई क्योंकि जेल में क़ैद तालेबान के कुछ लोगों को छोड़ने की माँग सरकार ने स्वीकार नहीं की. तालेबान के कमांडर मुल्ला दादुल्ला के प्रवक्ता शोहाबुद्दीन अताल ने कहा, हमने अजमल को मारा क्योंकि सरकार ने हमारी माँग नहीं मानी. अजमल नक्शबंदी विदेशी पत्रकारों के लिए गाइड और अनुवादक का काम भी करते थे. संवाददातात का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में लोगों में नाराज़गी है कि सरकार पहले तो तालेबान के सामने झुक गई और विदेशी पत्रकार की जान बचा ली लेकिन अपने नागरिक की जान नहीं बचाई. तालेबान ने अभी भी पाँच सरकारी चिकित्सिय अधिकारियों, दो फ़्रेंच राहतकर्मियों और उनके दो सहयोगियों को बंधक बनाया हुआ है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अपहृत लोगों को छुड़ाने के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इतालवी पत्रकार को छुडाने के लिए किया गया समझौता असामान्य स्थिति में किया गया था और दोबारा ऐसा नहीं होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें एलन जॉनस्टन के समर्थन में रैलियाँ07 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ग़ज़ा में अपहृत पत्रकार छोड़े गए27 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना पाकिस्तानी पत्रकार का शव मिला16 जून, 2006 | भारत और पड़ोस असंतुष्ट पत्रकार गंजी को मिली रिहाई18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||