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तालेबान लड़ाके सरकारी दफ़्तरों में घुसे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तालेबान लड़ाकों ने अफ़ग़ानिस्तान के ज़ाबुल प्रांत में कुछ सरकारी कार्यालयों पर क़ब्ज़ा जमा लिया है. पुलिस के पास उनसे निपटने के साधन नहीं हैं. एक स्थानीय प्रवक्ता ने बताया कि ख़ान अफ़ग़ान ज़िले में पुलिस को पीछे हटना पड़ा क्योंकि उनके पास पार्याप्त हथियार नहीं थे. इस बीच हेलमंद प्रांत में उत्तरी एटलांटिक संधि संगठन (नैटो) और अफ़ग़ान सेना ने सांगीन शहर को चरमपंथियों से मुक्त करा लिया है. शुक्रवार को काबुल में संसद भवन के निकट हुए आत्मघाती कार बम हमले में छह लोग मारे गए थे. गंभीर क्षति हेलमंद के गवर्नर ने बीबीसी को बताया कि तालेबान लड़ाके सांगीन छोड़ कर चले गए हैं. हेलमंद में ब्रिटेन की सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जेरी थॉमस का कहना है, "इस अभियान का लक्ष्य सांगीन इलाक़े में अफ़ग़ानिस्तान की सरकार का नियंत्रण दोबारा स्थापित करना था." उनका कहना है कि पिछले दो दिनों से जारी अभियान अभी आगे भी जारी रहेगा. ताज़ा अभियान में तालेबान को खदेड़ने के लिए चिनूक, ब्लैक हॉक और अपाचे हेलिकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें काबुल के पास धमाका, चार मारे गए06 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में भूंकप के बड़े झटके03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस सार्क में आपसी सहयोग पर रहेगा ज़ोर31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस विदेशी चरमपंथियों को पनाह नहीं मिलेगी26 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान धरोहर की वापसी16 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान नागरिकों की मौत से नाराज़गी04 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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