|
तालेबान की शैली की एक मुहिम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक मदरसे की कई छात्राओं ने एक वेश्यालय में घुस कर वहाँ की प्रबंधक को अगवा कर लिया है. जामिया हफ़्सा मदरसे की यह छात्राएँ इस वेश्यालय को बंद किए जाने की मांग कर रही थीं. उनका कहना है कि उन्हें इस्लामी क़ानून के तहत अनैतिक गतिविधियों को बंद कराने का अधिकार है. इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता नवदीप धारीवाल का कहना है कि इस तरह की तालेबान की शैली की कोई कार्रवाई इस्लामाबाद में पहली बार हुई है. हालाँकि पाकिस्तान के अन्य शहरों में ऐसी कार्रवाइयाँ की जा चुकी हैं. छात्राओं की मांग पर जब प्रबंधक ने वेश्यालय बंद करने से इनकार कर दिया तो यह छात्राएँ जबरन उन्हें अपने मदरसे ले गईं जहाँ उन्हें उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ रोके रखा गया है. पुलिस ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है. इन छात्राओं की एक मांग यह भी है कि वीडियो की दुकानों के मालिक अपनी दुकानें बंद करें. हमारी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि प्रशासन या तो या बेबस है या इस मामले में कोई कार्रवाई करने से हिचक रहा है. पाकिस्तान के क़बायली क्षेत्रों और सीमांत इलाक़ों में इस तरह की गतिविधियाँ देखी गई हैं जब धार्मिक गुटों ने स्थानीय लोगों पर मज़हबी क़ानून लागू करने के प्रयास किए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मदरसों की कमान महिलाओं के हाथ01 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मदरसे से हमलावर के बारे में पूछताछ16 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में धार्मिक गुटों का प्रदर्शन22 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस क्या है सच्चाई पाकिस्तानी मदरसों की?05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||