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'माओवादी समर्थकों' की हत्या का विरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के पूर्ववर्ती माओवादी विद्रोहियों ने अपने समर्थकों की हत्या के विरोध में काठमांडू और भारत की राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया है. ग़ौरतलब है कि दक्षिणी नेपाल के गौर इलाक़े में बुधवार को मधेशियों के प्रतिदंद्वी संगठनों के बीच हुई झड़प में कम से कम 27 लोग मारे गए थे. माओवादियों का कहना है कि मारे गए लोगों में से अधिकतर उनके समर्थक थे. पिछले साल माओवादी विद्रोहियों के साथ हुए शांति समझौते के बाद यह अब तक की सबसे हिंसक घटना है. इस झड़प में 40 से ज़्यादा लोग घायल भी हो गए. पुलिस का कहना है कि दोनों विरोधी गुटों के बीच एक ही मैदान पर सभा आयोजित करने को लेकर संघर्ष हुआ था. इस घटना के बाद से ही गौर में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. विरोध भारत की राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर इस घटना के विरोध में शुक्रवार को नेपाली जनाधिकार सुरक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. इस संगठन के नेता टीबी पाठक ने बीबीसी को बताया कि शांति समझौते के बाद इस तरह की घटना नेपाल के भविष्य के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने दावा किया कि मधेशी जनाधिकार फ़ोरम के लोगों ने अचानक उनके समर्थकों पर हमला कर दिया. टीबी पाठक का कहना था, "विरोधी गुटों के लोगों ने स्वचालित हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाईं और कई महिलाओं के साथ दुष्कर्म भी किया गया." संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त लुई आर्बर ने इस हत्याकांड की निंदा करते हुए दोषियों को सज़ा देने की माँग की है. गौर स्थित बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ऐसा बताया जा रहा है कि मधेशी जनाधिकार फ़ोरम के लोगों ने माओवादियों के मंच में आग लगा दी. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में झड़पों के बाद कर्फ़्यू जारी22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में राजशाही को लेकर झड़पें18 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'हथियार नहीं 'बम' कहा था प्रचंड ने'14 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'चुनाव से पहले राजशाही ख़त्म नहीं होगी'12 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस प्रचंड दावे के सबूत पेश नहीं कर पाए10 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में दूसरे दिन मधेशियों का बंद 07 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'माओवादी शिविर छोड़ काम पर निकले'21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश पर भीड़ ने पत्थर बरसाए 16 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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