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'पाक लड़ाकों के संघर्ष में 100 की मौत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री आफ़ताब शेरपाओ का कहना है कि स्थानीय और विदेशी चरमपंथियों के संघर्ष में कम से कम सौ लोग मारे गए हैं. शेरपाओ ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान के वाना के नज़दीक हुए संघर्ष में अनेक लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मारे गए अधिकांश लोग उज़्बेक लड़ाके हैं जिनके संदिग्ध अल क़ायदा से संबंध हैं. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि वहाँ सेना भेजी गई है लेकिन सेना इससे इनकार करती है. बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि यह लड़ाई अल क़ायदा के चरमपंथियों और तालेबान समर्थक स्थानीय क़बायली गुटों के बीच हुई है. वज़ीरिस्तान के क़बायली इलाक़ों में विदेशी चरमपंथियों में बड़ी संख्या उज़्बेक लड़ाकों की भी हैं. अमरीका का कहना है कि इनका संबंध अल क़ायदा से हैं. तालेबान समर्थक स्थानीय क़बायली हथियारबंद गुट आम तौर पर अल क़ायदा के चरमपंथियों को मदद देते रहे हैं. अफ़ग़ान क़बायली लड़ाके और अल क़ायदा से जुड़े विदेश चरमपंथी, दोनों ही अमरीकी नेतृत्व वाली सेना को अफ़ग़ानिस्तान से निकालना चाहते हैं लेकिन उनके बीच काफ़ी गुटबाज़ी और मतभेद हैं. रविवार को एक अरब चरमपंथी के मारे जाने के बाद दोनों गुटों के बीच टकराव शुरू हुआ, जिसने भयानक लड़ाई का रूप ले लिया. सरकार का कहना है कि ताज़ा संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि क़बायली अब विदेशी चरमपथियों के ख़िलाफ़ हो रहे है. हालांकि कुछ विश्लेषक इसे आंतरिक सत्ता संघर्ष भर मान रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान में दो गुटों में भीषण संघर्ष20 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में झड़प, 15 मारे गए06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान ने तालेबान का नुकसान किया'03 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'अमरीकी जासूसों' को मार दिया06 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'समझौते के कारण तालेबान के हौसले बढ़े'11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस धमाके में चार पाकिस्तानी सैनिक मरे22 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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