|
क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई के अधिकारियों ने अर्जेंटीना सरकार से औपचारिक अनुरोध किया है कि बोफ़ोर्स मामले में अभियुक्त क्वात्रोकी को भारत ले जाने दिया जाए. उन्होंने अर्जेंटीना सरकार को भारत सरकार की ओर से सभी ज़रूरी कागजात विदेश मंत्रालय को सौंपते हुए क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण की माँग की. अर्जेंटीना के विदेश मंत्रालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीबीआई अधिकारी एसके शर्मा ने पत्रकारों को बताया, "हमने ज़रूरी कागजात पेश कर दिए हैं. अब इसपर यहाँ के अधिकारियों को निर्णय लेना है." हालांकि क्वात्रोकी के वकील ने सीबीआई की इस कोशिश को निराधार बताया. उन्होंने कहा, "मेरे मुवक्किल के ख़िलाफ़ सीबीआई के पास एक भी सबूत नहीं है. हमें यह नहीं समझ आ रहा है कि उन्हें गिरफ़्तार करने का आदेश अभी तक कैसे बना हुआ है." उधर अर्जेंटीना के अधिकारियों ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से साफ़ इनकार कर दिया है. ग़ौरतलब है कि भारत और अर्जेंटीना के बीच कोई भी प्रत्यर्पण संधि नहीं हुई है. इतालवी नागरिक ओत्तावियो क्वात्रोकी को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर इस माह छह फ़रवरी को हिरासत में लिया गया था. इसके बाद हाल ही में उन्हें ब्यूनसआयर्स में ज़मानत मिल गई थी लेकिन बताया गया था कि वे अर्जेंटीना में ही मौजूद हैं और उन्हें देश छोड़कर जाने की इजाज़त नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें अर्जेंटीना में क्वात्रोकी को मिली ज़मानत 26 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सीबीआई की टीम जाएगी अर्जेंटीना25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज़25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'बोफ़ोर्स अब भी राजनीति का मुद्दा है'23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस क्वात्रोकी अर्जेंटीना में हिरासत में लिए गए23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||