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सीबीआई अधिकारी अर्जेंटीना रवाना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के दो अधिकारी अर्जेंटीना रवाना हुई हैं ताकि बोफ़ोर्स मामले के अभियुक्त ओत्तावियो क्वात्रोकी को भारत लाने के लिए अर्जेंटीना की सरकार से अनुरोध किया जा सके. इतालवी नागरिक ओत्तावियो क्वात्रोकी को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर इस माह छह फ़रवरी को हिरासत में लिया गया था. इसके बाद हाल ही में उन्हें ब्यूनसआयर्स में ज़मानत मिल गई थी लेकिन बताया गया था कि वे अर्जेंटीना में ही मौजूद हैं और उन्हें देश छोड़कर जाने की इजाज़त नहीं है. बुधवार को सीबीआई की टीम के सदस्य - निदेशक (अभियोग) और एक पुलिस अधिक्षक ब्यूनसआयर्स के लिए रवाना हुए. वे गुरुवार को अर्जेंटीना की सरकार को अपना अनुरोध ब्यूनसआयर्स स्थित भारतीय राजनयिकों के ज़रिए पेश करेंगे. समाचार एजेंसियों के अनुसार अर्जेंटीना ने भारतीय राजनयिकों को सूचना दी थी कि इस मामले में कोई भी कार्रवाई करने से पहले की प्रक्रिया में 15 दिन लग सकते हैं. सीबीआई के अनुसार ये सब क़ानूनी औपचारिकताएँ अर्जेंटीना के प्रत्यर्पण क़ानून के तहत पूरी की जा रही हैं क्योंकि भारत और अर्जेंटीना के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है. उधर समाचार एजेंसियों के अनुसार क्वात्रोकी के वकील का कहना था, "ये अजीब बात है. ये मामला बीस साल पुराना है और इसके तहत लगाए गए आरोपों की अवधि अर्जेंटीना के क़ानून के तहत ख़त्म हो चुकी है." | इससे जुड़ी ख़बरें अर्जेंटीना में क्वात्रोकी को मिली ज़मानत 26 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सीबीआई की टीम जाएगी अर्जेंटीना25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज़25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'बोफ़ोर्स अब भी राजनीति का मुद्दा है'23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस क्वात्रोकी अर्जेंटीना में हिरासत में लिए गए23 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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