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'बेवफ़ा परदेसियों' की पत्नियों को मदद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने उन महिलाओं के लिए एक ख़ास योजना शुरु करने की घोषणा की है जिन्हें शादी के बाद उनके प्रवासी भारतीय पतियों ने छोड़ दिया. भारत के प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय ने कहा है कि प्रवासी भारतीयों से शादी करने वाली जिन महिलाओं को पिछले दो वर्ष के अंतराल के भीतर तलाक दिया गया है या जिन्हें उनके पति छोड़कर चले गए हैं, उन्हें आर्थिक और वैधानिक मदद दी जाएगी. एक अनुमान के मुताबिक भारत में ऐसी महिलाओं की संख्या 20 हज़ार के क़रीब है जिन्हें उनके अप्रवासी पतियों ने छोड़ दिया है. अधिकतर मामलों में पति शादी के बाद दहेज की मोटी रक़म लेने के बाद पत्नियों को छोड़कर चले गए हैं. मंत्रालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "जिन महिलाओं को मदद की ज़रूरत है वो विदेशी में भारत सरकार की इकाइयों या फिर भारत सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त संस्थाओं से मदद ले सकती हैं." मिलेगी मदद उन्होंने कहा कि इस तरह की महिलाओं को क़ानूनी प्रक्रिया में मदद के लिए परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही क़ानूनी कार्रवाई के लिए 1000 डॉलर तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी. शुरुआती तौर पर यह मदद उन महिलाओं को ही दी जा रही है जिनकी शादी को अभी दो वर्ष या उससे कम समय ही बीता है. मंत्रालय के हवाले से यह भी बताया गया कि पत्नियों को छोड़कर जाने वाले प्रवासी भारतीयों की बड़ी संख्या अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड से है. ऐसी महिलाओं की बड़ी तादाद पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश और केरल में हैं जहाँ से बड़ी संख्या में लोग पश्चिमी देशों में जाकर रह रहे हैं. वजूद की तलाश ऐसी धोखेबाजी का सामना करने वाली महिलाओं के सामने शादी के बाद कई तरह की समस्याएँ होती हैं. राष्ट्रीय महिला आयोग की उप सचिव गुरप्रीत देव बताती हैं कि कई मामलों में महिलाएँ जब प्रवासी भारतीयों के साथ शादी करके विदेश गईं तो उन्होंने पाया कि उनके पतियों की पहले ही शादी हो चुकी है. कई बार उन्हें अपने प्रवासी पतियों की ओर से बताया जाता है कि वो विदेशों में अच्छी कमाई कर रहे हैं और बेहतर व्यवसाय में हैं पर वहाँ जाने पर स्थितियाँ बिल्कुल विपरीत देखने को मिलती हैं. वो बताती हैं, "इन महिलाओँ की स्थिति 'हॉली-डे ब्राइड' जैसी भी बन जाती है. यानी छुट्टी के दिनों में कुछ प्रवासी भारत आते हैं और यहाँ शादी करके, दहेज की मोटी रक़म लेकर बिना कोई जानकारी दिए ग़ायब हो जाते हैं." कुछ मामलों में महिलाओं के गर्भवती होने या फिर अपनी और बच्चों की परवरिश को लेकर परेशान होते हुए भी देखा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें शादी का घपला रोकने के लिए क़ानून?21 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'विवाहेत्तर संबंधों को अपराध न माना जाए'18 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारतीय रंग में विदेशियों की शादी28 जून, 2004 | भारत और पड़ोस बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए...16 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कुंडली नहीं मेडिकल रिपोर्ट देखेंगे पुरोहित05 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस उषा और शिल्पी के प्रेम की लड़ाई07 जून, 2005 | भारत और पड़ोस 'बीवी नंबर वन' से हुई 53वीं शादी06 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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